इतिहास के पन्नों से

अगर इतिहास के पन्नों को पलटें तो 18 जून के दिन ही अमरीका और सोवियत संघ के बीच हथियारों पर नियंत्रण को लेकर ऐतिहासिक समझौता हुआ था. इसी दिन ब्रिटेन में हुए एक विमान दुर्घटना में 118 लोग मारे गए थे.

1979: अमरीका सोवियत संघ के बीच हथियार नियंत्रण समझौता

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Image caption अमरीकी राष्ट्रपति जिमी कार्टर और सोवियत नेता लेओनिद ब्रेज़नेव

ऑस्ट्रिया की राजधानी विएना में अमरीकी राष्ट्रपति जिमी कार्टर और सोवियत संघ के नेता लीओनिद ब्रेज़नेव के बीच पहली बार हथियारों की तादाद के ऊपर नियंत्रण करने को लेकर समझौता हुआ.

स्ट्रेटेजिक आर्म्स रिडक्शन ट्रीटी (साल्ट II) के तहत दोनों मुल्कों ने ये तय किया की दोनों महाशक्तियां अपने मिसायल लॉन्चरों की तादाद को 2400 की संख्या तक सीमित करेगें.

इसके तहत दोनों ने ज़मीन से मार का सकने वाले नए अंतर महाद्विपीय बैलिस्टिक मिसायलों की तैनाती बंद कर दी. साथ ही ये भी तय हुआ कि पनडुब्बियों को नई मिसायलों से नहीं लैस किया जाएगा.

ये समझौता जब तक अनुमोदन के लिए आता तब तक अमरीका और सोवियत संघ के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था. जनवरी 3 को राष्ट्रपति कार्टर ने खुद अमरीकी संसद से इस समझौते के पर विचार विमर्श रोक देने का आग्रह किया क्योंकि सोवियत संघ की सेनाएँ अफ़गानिस्तान में पहुँच चुकी थीं.

हालाँकि ये समझौता अमरीकी संसद से अनुमोदित नहीं हुआ पर कार्टर ने ये ज़रूर कहा कि अगर सोवियत संघ अपने वादे को पूरा करता है तो अमरीका भी अपने वादे निभाएगा.

1972: विमान हादसे में 118 मरे

Image caption ब्रिटिश यूरोपीयन एयरवेज़ का जहाज़ खुले मैदान में गिरा

जून 18 के ही रोज़ लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे से ब्रसेल्स जा रहा एक हवाई जहाज़ उड़ान भरने के चंद घंटों के भीतर ही क्षतिग्रस्त्र हो गया.

विमान गिरते ही दो टुकड़े हो गया. ब्रिटेन के इतिहास की ये सबसे बड़ी विमान दुर्घटना थी. ब्रिटिश यूरोपीयन एयरवेज़ का ये जहाज़ एक खुले मैदान में गिरा जो एक आबादी वाली जगह से कुछ ही गज़ की दूरी पर था.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ऐसा लगा कि जहाज़ "आसमान से टपक पड़ा".

बाद में जांचकर्ताओं ने कहा कि जहाज़ को किसी ने नुकसान पहुचाने की कोई कोशिश नहीं की थी.

बचावकर्मियों ने जहाज़ के मलबे से एक 15 साल की लड़की सहित दो लोगों को जीवित निकालने में सफलता पाई. लेकिन बाद में इन दोनों की मौत हो गई.

पायलट का पोस्टमॉर्टम करने से ये पता चला कि उड़ान भरते ही उन्हें दिल की तकलीफ शुरू हो गई थी.

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