मोरक्को में बदलाव की बयार...

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Image caption मोरक्को के शासक मोहम्मद षष्टम के मुताबिक सेना की कमान अब भी उनके हाथ में ही रहेगी.

मोरक्को के शासक मोहम्मद षष्टम ने एक ऐतिहासिक भाषण के ज़रिए देश में संवैधानिक सुधार लाने का ऐलान किया है.

मोरक्को के राजा ने कहा कि ये सुधार लोकतंत्र बहाल करेंगे, मानवाधिकारों की रक्षा करेंगे और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देंगे.

ये संवैधानिक सुधार सत्ता में उनके अधिकार और उनकी ताकतों को कम करेंगें और प्रधानमंत्री सहित संसद को मज़बूत बनाएंगे.

दूसरे कई अरब देशों की तरह मोरक्को में भी पिछले कुछ समय से सरकार और तानाशाही के खिलाफ़ प्रदर्शन हो रहे हैं.

इन प्रदर्शनों को देखते हुए मोहम्मद षष्टम ने लगभग दो महीने पहले संविधान समीक्षा का वादा किया था. हालांकि इस वादे के बाद भी हज़ारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने अपना विरोध जारी रखा.

'संसद होगी सशक्त'

मोहम्मद ने यह घोषणा करते हुए कहा कि भविष्य में मोरक्को को एक संवैधानिक, लोकतांत्रिक, और संसदीय व्यवस्था में विश्वास रखने वाले राष्ट्र के रुप में देखा जाएगा. हालांकि उन्होंने कहा कि सेना की कमान अब भी मोरक्को के राजा के हाथ में ही रहेगी.

उन्होंने कहा कि इन संवैधानिक सुधारों के ज़रिए प्रधानमंत्री और मोरक्को की संसद सशक्त होगी और उन्हें ज़्यादा अधिकार मिलेंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था में बरबर भाषा को अरबी की तरह आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया जाएगा.

मोहम्मद षष्टम ने कहा कि इन प्रस्तावों पर एक जुलाई से जनमत संग्रह की प्रक्रिया शुरु की जाएगी.

ये प्रस्ताव मोहम्मद षष्टम की ओर से नियुक्त किए गए एक दल ने तैयार किए हैं.

ग़ौरतलब है कि मोरक्को में लंबे समय से बेरोज़गारी और ग़रीबी का दौर चल रहा है और अर्थव्यस्था बुरे दौर से गुज़र रही है. आम लोग इस स्थिति को लेकर अपने शासक से बेहद नाखुश हैं.

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