'हमले में हुई आम नागरिकों की मौत'

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नेटो ने स्वीकार किया है कि उसकी ‘हथियार तंत्र प्रणाली’ के विफ़ल होने के कारण लीबिया की राजधानी त्रिपोली में कुछ आम नागरिक उसके हमलों का शिकार हो गए हैं.

रविवार को हुए इस हमले को लेकर जारी किए गए एक बयान में नेटो ने कहा कि यह हमला असल में एक सैन्य ठिकाने पर किया गया था लेकिन संभवत: ‘एक हथियार ने ठीक तरह से काम नहीं किया.’

इससे पहले लीबिया की राजधानी त्रिपोली में अधिकारियों ने दावा किया था कि नेटो हवाई हमले में कम से कम सात लोग मारे गए हैं.

कहा जा रहा है कि एक रिहाइशी इलाक़े में तीन मंज़िला घर इस कथित हमले की चपेट में आ गया. बाद में संवाददाताओं को त्रिपोली के एक अस्पताल ले जाया गया और मृत लोगों के शव दिखाए गए.

हमले की बात स्वीकारी

नेटो इन आरोपों की जांच कर रहा था और उसके अधिकारियों ने कहा था कि अगर यह सही साबित होता है तो उन्हें इस घटना का बेहद खेद है.

पहले भी ऐसा हो चुका है जब नेटो ने ग़लती से किसी ठिकाने पर हमला करने की बात स्वीकार की थी.

नेटो के प्रवक्ता विंग कमांडर माइक ब्रेकन ने बीबीसी को बताया, "नेटो त्रिपोली में कल रात अपनी कार्रवाई कर रहा था. हो सकता है कि गद्दाफ़ी प्रशासन उसे रिहाइशी इलाक़ा बता रहा हो. लेकिन कई बार बाद में पता चलता है कि ये इलाक़े कमांड और कंट्रोल केंद्र हैं. इस पूरे अभियान में हमने बहुत कोशिश की है कि आम नागरिकों को नुकसान न पहुँचे. आप हमारा पिछला रिकॉर्ड देख सकते हैं."

आम नागरिकों की मौत को लेकर लीबियाई अधिकारी बीबीसी संवाददाता को उस जगह ले गए थे जहाँ हमला हुआ था और बाद में अस्पताल भी लेकर गए.

नैटो की जाँच

संवाददाता को अस्पताल में एक मृत महिला, मृत पुरुष और एक मृत बच्ची का शव दिखाया गया. लीबिया में अधिकारियों का कहना है कि रविवार का हमला एक ग़रीब बस्ती में आधी रात के बाद हुआ.

स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरा का पूरा परिवार ख़त्म हो गया है. जिस जगह हमला हुआ वो एक सैन्य हवाईअड्डे के नज़दीक है जिसे नेटो निशाना बनाता रहा है.

लीबियाई सरकार के प्रवक्ता मूसा इब्राहम का कहना है, "नेटो लीबिया के लोगों के दिलों में नफ़रत के बीज बो रहा है. लेकिन लोग विदेशी सेना को अपना भविष्य तय नहीं करने देंगे."

वहीं लीबिया के उप विदेश मंत्री ने पत्रकारों को कहा है कि जानबूझकर लोगों के घरों को निशाना बनाया गया.

विद्रोहियों का लीबिया के पूर्वी और कुछ पश्चिमी हिस्सों को मिलाकर कुल एक तिहाई हिस्से पर कब्ज़ा है. हालांकि त्रिपोली सरकार के नियंत्रण में है.

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