इतिहास के पन्नों से..

इतिहास के पन्ने पलटें तो 22 जून के दिन हिटलर ने सोवियत संघ पर आक्रमण किया, अमरीका में सेवानिवृत्त सैनिकों की मदद का कानून बना और संगीतज्ञ जॉन लेनन के हत्यारे ने अपना जुर्म क़बूला.

1941: हिटलर का सोवियत संघ पर आक्रमण

Image caption हिटलर ने रूस के साथ की संधि को जर्मनी के इतिहास में एक बड़ा धब्बा बताया था.

जर्मनी की सेनाओं ने 22 जून 1941 की सुबह सोवियत संघ पर तीन दिशाओं से धावा बोल दिया.

एक संवाददाता के मुताबिक सोवियत संघ के नेता जोसेफ स्टालिन इस हमले के लिए तैयार नहीं थे और जर्मन सेनाओं ने अच्छी बढ़त ली है.

इस हमले के लिए जर्मनी ने करीब 30 लाख जवान, 3,000 टैंक, 3,000 विमान और 7,000 बंदूकें इस्तेमाल कीं.

हालांकि सोवियत संघ की रेड आर्मी में 90 लाख जवान थे, उनके हथियार जर्मन सेना जैसे आधुनिक नहीं थे.

जर्मनी और सोवियत संघ ने वर्ष 1939 में एक दूसरे पर आक्रमण ना करने की संधि पर हस्ताक्षर किए थे जो इस हमले के बाद टूट गई.

1944: अमरीका में सेवानिवृत सैनिकों की मदद का कानून बना

तत्कालीन अमरीकी राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी रूज़वेल्ट ने 22 जून 1944 के दिन सेवानिवृत सैनिकों को कई सुविधाएं और भत्ते देने के प्रावधान वाले जी आई विधेयक पर हस्ताक्षर किए.

इस कानून के तहत सेवानिवृत सैनिकों को बेरोज़गारी भत्ता, घर, खेत और व्यापार के लिए कम ब्याज़ पर ऋण, शिक्षा और प्रशिक्षण दिया जाएगा.

दूसरे विश्व युद्ध से पहले अपना घर और कॉलेज में शिक्षा ज़्यादातर अमरीकी जनता की पहुंच से बाहर थे.

लेकिन इस कानून का विरोध भी बहुत हुआ. कई सांसदों का मानना था कि बेरोज़गारी भत्ते की वजह से सेवानिवृत सैनिक कभी भी कमाई के अन्य विकल्पों की तलाश नहीं करेंगे.

1981: संगीतज्ञ जॉन लेनन के हत्यारे ने अपना जुर्म क़बूला

Image caption जब लेनन की हत्या की गई वे महज़ 40 साल के थे.

एक आदमी ने बीटल्स ग्रूप के संगीतज्ञ जॉन लेनन की हत्या करने का आरोप स्वीकार कर लिया.

लेनन पर दिसंबर 1980 में मैनहैटन के उनके घर में गोलियां दागी गईं. लेनन को फौरन अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई.

मार्क चैपमैन के लेनन की हत्या का आरोप कबूलने के बाद उनके वकील ने कहा कि उन्हें अपने मुवक्किल पर भरोसा नहीं है.

इससे पहले चैपमैन ने अदालत में ऐसे कोई संकेत नहीं दिए थे, लेकिन 22 जून 1981 के दिन उन्होंने कहा कि ईश्वर ने उन्हें ये राह दिखाई है, इसीलिए वो जुर्म क़बूल रहे हैं.

मार्क चैपमैन को अगस्त में जॉन लेनन की हत्या के जुर्म में 20 साल की सज़ा सुनाई गई.

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