गद्दाफ़ी ने नैटो पर हत्या का आरोप लगाया

Image caption कथित नैटो हमले में तबाह हुई इमारत

लीबिया के नेता कर्नल गद्दाफ़ी ने आरोप लगाया है कि सरकारी सेना के ख़िलाफ़ नैटो के बम हमले में आम नागरिक मारे जा रहे हैं.

नैटो के हमले में दो दिन पहले अपने एक क़रीबी सहयोगी के परिजनों के मारे जाने के बाद पहली बार लीबिया के सरकारी टेलिविज़न पर प्रसारित एक ऑडियो संदेश में कर्नल गद्दाफी ने कहा कि नैटो का ये दावा सरासर ग़लत है कि असैनिक लक्ष्यों को हमले से बचाने के लिए वो हर संभव प्रयास कर रहा है.

बुधवार को जारी अपने संदेश में कर्नल गद्दाफ़ी ने हवाई हमले को अंजाम देनेवालों को 'अपराधी' और 'बर्बर' करार दिया.

इस बीच नैटो ने नागरिकों की मौत पर माफ़ी मांगी है लेकिन ये भी कहा है जिस इमारत पर हमला किया गया वो कमान और नियंत्रण केंद्र था.

इटली के विदेश मंत्री ने इससे पहले युद्ध जैसी स्थिति समाप्त करने की अपील की थी.

फ़्रांसिस्को फ्राट्टिनी ने कहा कि युद्ध से प्रभावित देश में मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए ये बेहद ज़रूरी है कि युद्ध विराम हो.

उन्होंने नैटो से हवाई अभियान और नागरिकों को लेकर हुई नाटकीय ग़लतियों के बारे में सही दिशानिर्देश की और ज़्यादा जानकारी देने की अपील की.

लेकिन नैटो के महासचिव एंडर्स फ़ॉग रासमुसेन ने कहा कि संयुक्त सेना का हवाई अभियान नागरिकों की सुरक्षा के लिए है और ये जारी रहेगा.

उन्होंने कहा कि नैटो पिछले हफ़्ते के हवाई हमले के बारे में लीबियाई रिपोर्टों की जांच कर रहा है जिसमें सात लोग मारे गए थे लेकिन साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि नागरिकों पर हमला कर्नल गद्दाफ़ी की सेना कर रही थी नैटो नहीं.

गद्दाफ़ी की ललकार

त्रिपोली में मौजूद बीबीसी के मध्यपूर्व संपादक जेरमी बोवेन का कहना है कि अपने ताज़ा ऑडियो संदेश में कर्नल गद्दाफ़ी पहले की तरह ही ललकारनेवाली मुद्रा में थे.

कर्नल गद्दाफ़ी ने अपने संदेश में कहा है कि वो 'बर्बर विदेशियों' और 'धर्मयोद्धाओं' से मरते दम तक लड़ाई जारी रखेंगे.

कर्नल गद्दाफ़ी ने ये स्वीकार किया कि उनकी स्थिति डांवाडोल है, लेकिन साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि पश्चिमी धर्मयोद्धाओं के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई वो तब तक जारी रखेंगे जब तक उन्हें मिटा नहीं देते.

Image caption कर्नल गद्दाफ़ी के क़रीबी के परिजन मारे गए

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि कर्नल गद्दाफ़ी ने सोमवार को सॉरमन में उनके क़रीबी सहयोगी और सलाहकार अल ख़ुवाइलीदी अल हुमैदी के घर पर किए गए नैटो हमले की निंदा की है. इस हमले में अल हुमैदी का घर पूरी तरह तबाह हो गया था और उनके तीन नाती-पोते और बहू मारे गए थे.

नैटो का कहना है कि हमला एक सही सैनिक कार्रवाई थी क्योंकि वो लक्षित इमारत एक कमान सेंटर था. हालांकि लीबिया की सरकार ने इन आरोपों को ख़ारिज़ कर दिया है.

कर्नल गद्दाफ़ी ने नैटो के बयान का हवाला देते हुए कहा कि अगर उनकी ख़ुफ़िया जानकारी बिल्कुल सही थी तो उन्हें ये भी पता होगा कि उस इमारत में बच्चे रह रहे थे.

कर्नल गद्दाफ़ी ने कहा,''आपने कहा कि हमने सही ठिकाने पर सटीक हमला किया. अरे हत्यारों! एक दिन हम तुम्हें करारा जवाब देंगे जब तुम्हारे घर और बच्चे हमारे लिए वैधानिक रूप से सही लक्ष्य बन जाएंगे.''

कर्नल गद्दाफ़ी ने अमरीका, ब्रिटेन और फ़्रांस को अपराधी क़रार देते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से हवाई हमलों में मारे गए नागरिकों की जांच के लिए एक दल भेजने की अपील की.

नैटो का अभियान

कर्नल गद्दाफ़ी की सेना ने सरकार विरोधी प्रदर्शनों को दबाने के लिए जब हिंसक रवैया अख़्तियार किया तो मार्च महीने में आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए नैटो ने लीबिया पर उड़ान निषिद्ध क्षेत्र लागू करवाने की कार्रवाई शुरू कर दी, लेकिन ज़मीनी हमले के विकल्प को नकार दिया गया.

Image caption ब्रिटेन ने सैन्य अभियान पर 25 करोड़ पाउंड ख़र्च किए

लीबिया में हस्तक्षेप को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हरी झंडी दी थी जिसका नेतृत्व फ़्रांस, ब्रिटेन और अमरीका कर रहे थे. लेकिन मार्च के आख़िर में ये ज़िम्मेदारी नैटो ने संभाल ली थी.

शुरुआत में इस अभियान को पूरा करने के लिए 90 दिन का वक़्त दिया गया था जिसकी मियाद 27 जून पूरी हो रही है. लेकिन अब अभियान को और 90 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है.

सरकारी सूत्रों के मुताबिक़ लीबिया में ब्रिटेन के सैन्य अभियान का ख़र्च 25 करोड़ पाउंड तक पहुंच गया है.

गुरुवार को एक मंत्रीमंडलीय बयान में इसकी विस्तार से जानकारी दी जाएगी.

ब्रिटेन के रक्षा सचिव लियाम फ़ॉक्स ने कहा कि आम नागरिकों की रक्षा करते हुए चलाए जा रहे अभियान की वजह से अभियान का ख़र्च काफ़ी बढ़ गया है.

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