ओबामा करेंगे सैनिक हटाने की घोषणा

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अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा स्थानीय समयानुसार बुधवार शाम को अफ़गा़निस्तान से सैनिक हटाने की शुरुआती योजना की घोषणा करेंगे.

ओबामा शाम को टीवी संबोधन के ज़रिए ये घोषणा करने वाले हैं. माना जा रहा है कि जुलाई से अफ़ग़ानिस्तान से सैनिक हटने शुरु हो जाएँगे और साल के अंत तक दस हज़ार सैनिक वापस जा सकते हैं. अमरीकी मीडिया के मुताबिक 2013 तक सभी सैनिकों को वापस बुलाने की योजना है.

वर्तमान में अफ़ग़ानिस्तान में करीब एक लाख अमरीकी सैनिक हैं.

सीएनएन ने कहा है कि 2009 में तैनात किए गए तीस हज़ार अतिरिक्त सैनिकों को 2012 के अंत तक वापस बुला लिया जाएगा.

योजना के तहत अमरीकी सेना धीरे-धीरे सुरक्षा अभियानों की ज़िम्मेदारी अफ़ग़ान सुरक्षाबलों को 2014 तक सौंप देगी.

हालांकि वापस बुलाए जाने वाले सैनिकों की संख्या और इसके तरीके पर अमरीका प्रशासन में मतभेद हैं.

रिपोर्टों के मुताबिक सैन्य कमांडर चाहते हैं कि सैनिकों की संख्या धीरे-धीरे कम की जानी चाहिए ताकि तालिबान के ख़िलाफ़ हाल फ़िलहाल में जो सफलता मिली है, उसे बरकरार रखा जा सके. जबकि कई सलाहकारों का मानना है कि संख्या में अच्छी-ख़ासी कटौती करनी होगी.

बढ़ रहा है दवाब

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अभी कुछ दिन पहले ही रॉबर्ट गेट्स ने कहा था कि अमरीका तालिबान के साथ बात करने की कोशिश कर रही है. अमरीका ने पहली बार ये बात स्वीकार की है.

जल्द ही रक्षा मंत्री के पद से इस्तीफ़ा देने वाले गेट्स का कहना था, “अफ़ग़ानिस्तान में हमें काफ़ी हद तक सफलता मिली है. लेकिन अगर वहाँ हमने हस्तांतरण योजनाबद्ध तरीके से नहीं किया तो सब किए पर पानी फिर जाएगा.”

सैनिकों की संख्या में ज़बरदस्त कटौती करने के लिए अमरीका में राजनीतिक दवाब भी बढ़ता जा रहा है.

वहीं अफ़ग़ानिस्तान में कई लोग मानते हैं कि तालिबान को हराने के लिए अमरीकी सैनिकों की ज़रूरत है पर साथ ही वे अपने देश में उनकी मौजूदगी से खुश नहीं है.

अफ़ग़ानिस्तान में संघर्ष का ये 10वां साल है, सैन्य अभियानों में हताहत होने वाले लोगों की संख्या इस वक़्त सबसे ज़्यादा है और लोग भी लड़ाई से तंग आ गए लगते हैं. हालांकि ज़्यादातर मौतों के लिए विद्रोही ज़िम्मेदार होते हैं लेकिन विदेशी सैनिकों के अभियान के दौरान भी लोग मारे जाते हैं जिससे नागरिकों में ख़ासी नाराज़गी है.

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