कश्मीर मुद्दे पर भारत-पाक बातचीत

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भारत और पाकिस्तान के बीच इस्लामाबाद में विदेश सचिव स्तर पर शुक्रवार को वार्ता की अंतिम बैठक हुई जिसमें कश्मीर समस्या पर भी बातचीत हुई. भारत की विदेश सचिव निरुपमा राव गुरुवार को पाकिस्तान पहुँची थी और उन्होंने अपने पाकिस्तानी समकक्ष सलमान बशीर से मुलाक़ात की थी जिसके बाद औपचारिक रुप से वार्ता की पहली बैठक हुई. करीब साढ़े पाँच घंटों तक चली उस बैठक में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने शांति और सुरक्षा, एक दूसरे के बीच विश्वास की बहाली और मैत्रीपूर्ण संबंधों को बढ़ाने के लिए विस्तार से बातचीत की. अधिकारियों के मुताबिक बातचीत के पहले दौर में प्रगति हुई है और दोनों देशों ने खुल कर सभी मुद्दों पर बात की है.

साथ ही दोनों देशों ने इस प्रक्रिया को जारी रखने पर सहमति जताई है. पाकिस्तान की विदेश मामलों की राज्य मंत्री हिना रब्बानी खर ने पाकिस्तान की यात्रा पर आए हुए ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हैग के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता में भारत और पाकिस्तान के बीच हो रही वार्ता का उल्लेख किया. उन्होंने कहा, “मैंने ब्रिटेन के विदेश मंत्री को इस वार्ता से अवगत कराया है जो उस समय जारी हैं. भारत की विदेश सचिव इस समय पाकिस्तान में हैं जो भारत का नेतृत्व कर रही हैं.” हिना रब्बानी खर का कहना था कि पाकिस्तान दक्षिण एशिया में सुरक्षा और शांति के लिए अपनी कोशिश जारी रखेगा और आशा करता है कि इस वार्ता के सकारात्मक परिणाम निकलेंगे. ग़ौरतलब है कि भारत की विदश सचिव निरुपमा राव गुरुवार को पाकिस्तान पहुँची थी.

निरुपमा राव ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा था कि वे खुली और रचनात्मक सोच के साथ अपने पाकिस्तानी समकक्ष सलमान बशीर से बातचीत करने आईं हैं.

आगे का रास्ता

दोनों देशों के विदेश मंत्री अगले महीने भारत की राजधानी दिल्ली में बातचीत करेंगे. इससे पहले इसी साल फ़रवरी में भूटान की राजधानी थिम्पू में हुए सार्क सम्मेलन के दौरान भारत की विदेश सचिव निरूपमा राव ने पाकिस्तान के विदेश सचिव सलमान बशीर से मुलाक़ात की थी. उस मुलाक़ात के बाद दोनों विदेश सचिवों ने तमाम मुद्दों को बातचीत के ज़रिए सुलझाने पर सहमति जताई थी. इसके बाद क्रिकेट के विश्व कप मुक़ाबले में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए सेमीफ़ाईनल मैच को देखने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी अपने भारतीय समकक्ष मनमोहन सिंह के न्यौते पर मोहाली गए थे. मोहाली में दोनों प्रधानमंत्रियों की मुलाक़ात के दौरान भी इस बात को दोहराया गया था कि दोनों देश इस बात पर सहमत है कि सभी मुद्दों को बातचीत के ज़रिए सुलझाया जाना चाहिए.

दोनों देशों के बीच आतंकवाद, कश्मीर समस्या, शांति और सुरक्षा, एक दूसरे के बीच विश्वास की बहाली और मैत्रीपूर्ण संबंधों को बढ़ाने के लिए बातचीत हो रही है. दोनों देश 2008 में भारत के मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों के बाद से संबंधों को सुधारने के लिए नए सिरे से प्रयास कर रहें हैं और यह बातचीत भी उसी कोशिश का एक हिस्सा है.

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