सीरिया से लोगों का पलायन तेज़

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Image caption किरबेत एल जोज़ में लोग तंबुओं में रह रहे थे

सीरिया में सेना जन विद्रोह को दबाने के लिए देश के नए इलाक़ों में प्रवेश कर रही है जिसकी वजह से देश छोड़कर तुर्की में शरण लेने वाले लोगों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है.

किरबेत एल जोज़ क़स्बे से लोग तुर्की में दाख़िल हो रहे हैं, इससे पहले बड़ी संख्या में लोग नज़दीकी शहर जिस्र अल शगूर से निकलकर तुर्की चले गए थे.

इस महीने अब तक नौ हज़ार से अधिक सीरियाई नागरिकों ने तुर्की में शरण ली है.

मौक़े पर मौजूद लोगों का कहना है कि तुर्की जाने वाले सीरियाई शरणार्थियों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है क्योंकि लोग सैनिक दमन की आशंका को लेकर बहुत डरे हुए हैं.

किरबेत एल जोज़ में टैंकों और हथियारबंद सैनिकों के दाख़िल होने के बाद लोगों की घबराहट बहुत बढ़ गई है. अब तक किरबेत अल जोज़ एक तरह का अस्थायी शरणार्थी शिविर रहा है जहाँ लोग बड़ी संख्या में तंबुओं में रह रहे थे.

तुर्की के सीमावर्ती गाँव गुवेची में बड़ी संख्या में लोग कँटीले बाड़ों को पार करके घुस आए हैं. सीरिया में मार्च महीने से जारी हिंसा में अब तक 1300 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

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Image caption सैनिक औऱ टैंक गुरुवार की सुबह किरबेत एल जोज़ में घुसे

विपक्षी कार्यकर्ताओं का कहना है कि सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद एक ओर राष्ट्रीय संवाद की बात कर रहे हैं और दूसरी ओर अपने विरोधियों को चुप कराने के लिए उन्हें जेलों में डाल रहे हैं.

देश के उत्तरी भाग में जब से सीरियाई सैनिकों की कार्रवाई तेज़ हुई है विरोधियों का तुर्की जाने का सिलसिला जारी है.

किरबेत एल जोज़ में तंबुओं में रह रहे लोग देश के कई हिस्सों से आए थे, उन्होंने जान बूझकर सीरिया-तुर्की सीमा पर पड़ाव डाला था ताकि ख़तरा होने पर वे सीरिया से तुर्की जा सकें लेकिन उनकी मंशा यही रही थी कि उन्हें देश छोड़ना न पड़े.

गुरुवार की सुबह सीरियाई सैनिक किरबेत अल जोज़ में घुसे, तुर्की की तरफ़ गुवेची गाँव में मौजूद आम नागरिक और पत्रकार सीमा पार हो रही गतिविधियों को साफ़ देख सकते हैं.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के पत्रकार ने बताया कि सीमा पर लगी कँटीली तार को पार करके सैकड़ों लोग तुर्की की सीमा में आ गए हैं. तुर्की में पहले दस हज़ार से अधिक सीरियाई शरणार्थी मौजूद हैं जिनकी देखभाल रेड क्रीसेंट कर रहा है.

तुर्की ने अपनी सेना को सीरियाई सीमा के निकट तैनात किया है लेकिन इसे दोनों देशों के बीच टकराव की संभावना के तौर पर नहीं देखा जा रहा है लेकिन तुर्की सीरिया की सैनिक कार्रवाइयों की खुलकर आलोचना करने लगा है जिससे दोनों देशों के संबंधों पर असर पड़ सकता है.

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