लीबिया नीति पर बराक ओबामा को झटका

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अमरीका के निचले सदन यानी हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेन्टेटिव्स ने लीबिया में जारी नैटो कार्रवाई को जारी रखने के लिए राष्ट्रपति बराक ओबामा को पूर्ण अधिकार देने से मना कर दिया है.

हालांकि संसद ने लीबिया में जारी कार्रवाई के लिए होने वाले धन आवंटन में कटौती की मांग को ठुकरा दिया है.

लीबिया में जारी नैटो कार्रवाई में अमरीकी भूमिका की पिछले हफ़्तों में कई सांसदों ने निंदा की है.

विरोधियों का कहना है कि तीन महीने से चल रही इस कार्रवाई को संसद से मान्यता लेनी पड़ेगी.

हालांकि विश्लेषकों का मत है कि लीबिये में कार्रवाई के खिलाफ़ रिपब्लिकन पार्टी के नेतृत्व वाले इस मत का सिर्फ सांकेतिक राजनीतिक महत्व है.

फ्लोरिडा से रिपब्लिकन प्रतिनिधि टॉम रूनी ने कहा, "हमारे पास बचा ही क्या है, राष्ट्रपति ने इस बात कि चिंता न करते हुए कि हमारा क्या मत है उस क्षेत्र में कार्रवाई की है."

नैटो का समर्थन

लेकिन राष्ट्रपति ओबामा का कहना है कि उन्हें अतिरिक्त संसदीय स्वीकृति की ज़रुरत नहीं है क्योंकि अमरीकी सेनायें सिर्फ नैटो की मदद कर रही हैं.

अमरीकी कांग्रेस में बराक ओबामा के सहयोगियों ने सदस्यों से लीबिया में चल रहे गतिरोध पर स्वीकृत प्रस्ताव लाने कि बात कही है.

मैरीलैंड से डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद स्टेनी होयेर ने कहा,"लीबिया में जारी कार्रवाई से एकाएक अमरीकी फ़ौजों को वापस बुला लेने से कर्नल गद्दाफी के हाथ मज़बूत हो जाएंगे. अपने शासन के खिलाफ़ जारी विद्रोह से निपटने के लिए उनका मनोबल भी ऊंचा हो जाएगा." स्टेनी होयेर ने अपने साथी सांसदों से अमरीका के सहयोगियों का साथ मिलकर मानवाधिकारों की रक्षा करने का आह्वाहन भी किया है. ऊपरी संसद में अगर इस प्रस्ताव को मंज़ूरी मिल गई होती तो लीबिया में 'सीमित' अमरीकी कार्रवाई एक साल तक जारी रह सकती थी.

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