सीरिया में हिंसा, कई की मौत

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Image caption सीरिया के तटीय शहर बनियास में एक प्रदर्शन की तस्वीर (फ़ोटोः एपी)

सीरिया से मिल रही ख़बरों के अनुसार वहाँ नए प्रदर्शनों के दौरान हिंसा में कई लोग मारे गए हैं. अपुष्ट तौर पर कम-से-कम 10 लोगों के मारे जाने की ख़बरें मिल रही हैं.

राजधानी दमिश्क के बाहरी इलाक़े किस्वे में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि पाँच लोग तब मारे गए जब वे जुमे की नमाज़ के बाद मस्जिद से बाहर निकल रहे थे.

होम्स शहर में भी प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी में दो लोगों के मारे जाने की ख़बर है.

सीरिया में इस शुक्रवार भी नमाज़ के बाद एक बार फिर राष्ट्रपति बशर अल असद के विरोध में प्रदर्शन हुए. वहाँ पिछले 100 दिनों से हर शुक्रवार ये हो रहा है.

सीरिया में इस शुक्रवार को हुए प्रदर्शन सोमवार को राष्ट्रपति असद के संबोधन के बाद हुए हैं.

राष्ट्रपति असद ने मार्च में शुरू हुए प्रदर्शनों के बाद इस तरह के अपने तीसरे संबोधन में बातचीत करने और सुधार करने का वादा किया था.

मगर आंदोलनकारियों ने सुधारों की इस पेशकश को दिखावे का और अपर्याप्त प्रयास बताया था.

सीरियाई सरकार विपक्ष के साथ भी राष्ट्रीय स्तर पर बातचीत करना चाहती है, मगर ज़मीनी स्थिति के हिसाब से सीरिया में अभी भी हिंसा और गिरफ़्तारियों का दौर जारी है.

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि सीरिया में मार्च से जारी प्रदर्शनों के बाद से 1300 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं.

प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ की गई कार्रवाई में हज़ारों अन्य घायल भी हुए हैं.

तनाव

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Image caption सीरिया के सीमावर्ती इलाक़ों से हज़ारों लोग तुर्की में शरण ले रहे हैं

इस बीच सीरियाई सेना तुर्की से लगी सीमा की ओर बढ़ रही है.

अमरीका ने सीरिया-तुर्की सीमा पर बढ़ रहे तनाव पर चिंता जताई है.

तुर्की सीरियाई शासकों ने से सुधारों की माँग कर रहा है जिसके बाद से ही दोनों देशों के संबंध में तनाव आ गया है.

तुर्की ने कहा है कि डेढ़ हज़ार से अधिक सीरियाई लोग सीमा पार कर उनके यहाँ चले आए जब सीरियाई सैनिक और टैंक एक सीमावर्ती गाँव में घुस गए.

तुर्की सरकार के अनुसार अभी तक 11,700 सीरियाई शरणार्थी उनके देश में आ चुके हैं.

गुरूवार को तुर्की के एक सीमावर्ती गाँव के कुछ लोगों और वहाँ गए पत्रकारों ने कहा कि उन्होंने सीमा पार कुछ सैन्य गतिविधियाँ देखी हैं.

स्थानीय आंदोलनकारियों का कहना है कि उन्होंने कुछ छतों पर बंदूक थामे स्नाइपर निशानेबाज़ों को भी देखा.

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने इन ख़बरों को बेहद चिंताजनक बताया है.

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