‘अमरीकी दौरे से ज़्यादा उम्मीद न रखें’

प्रणव और टिमथी
Image caption प्रणव मुखर्जी निवेशकों को यकीन दिलाने की कोशिश करेंगें कि भारत में निवेशकों के लिए एक अच्छा माहौल मौजूद है.

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी एक बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ तीन दिवसीय यात्रा पर सोमवार को अमरीका पहुंच गए हैं.

इस दौरे का मक़सद अमरीकी निवेशकों को भारतीय बाज़ार में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करना होगा और इसी सिलसिले में दोनों पक्षों के बीच कई बैठकें की जाएगीं.

सोमवार शाम को प्रणब मुखर्जी अमरीकी वित्त मंत्री टिमथी गीथनर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेगें जहां दोनों देश आपसी हित और वैश्विक आर्थिक स्थिति पर चर्चा करेगें.

लेकिन आर्थिक मामलों के जानकार और विश्लेषक एमके वेणु का कहना है कि प्रणब मुखर्जी के इस अमरीकी दौरे से ज़्यादा उम्मीदें नहीं की जानी चाहिए.

बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा, “ऐसी स्थिति में जब अमरीका ख़ुद एक आर्थिक मंदी के दौर से ग़ुज़र रहा है, तो अमरीकी नीति बनाने वाले ख़ुद सहमे हुए हैं और इसका मतलब ये हुआ कि अमरीका के मुक़ाबले भारत की स्थिति इस समय ज़्यादा मज़बूत है.”

लेकिन इसके साथ ही उनका कहना है कि अमरीका सावधानीपूर्वक भारत की ओर क़दम बढ़ाना चाहता है क्योंकि एक ओर अमरीका भारतीय बैंकिंग और इंश्योरेंस सेक्टर में ज़्यादा निवेश करना चाहता है, लेकिन दूसरी ओर अमरीका को ये भी डर सता रहा है कि भारत में ज़्यादा निवेश करने से कहीं अमरीकी नौकरियों पर प्रतिकूल असर न पड़े.

भ्रष्टाचार का असर

एमके वेणु का कहते हैं कि भारत के पास मौजूद अपरंपार संभावनाओं का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है.

उन्होंने कहा कि शासन प्रणाली में कमियों और भ्रष्टाचार का बुरा असर भारत में विदेशी निवेश पर पड़ रहा है.

ग़ौरतलब है कि प्रणब मुखर्जी ऐसे समय में अमरीका का दौरा कर रहे हैं, जब हाल ही में भारत में भ्रष्टाचार से जुड़े विभिन्न मामले सामने आए हैं.

अमरीकी दौरे के दौरान प्रणब मुखर्जी निवेशकों को ये भी यक़ीन दिलाने की कोशिश करेंगें कि भारत में निवेशकों के लिए एक अच्छा माहौल मौजूद है.

एमके वेणु ने कहा, “पिछले दिनों भारत में विदेशी निवेश में कमी देखने को मिली है और स्टॉक मार्केट भी अच्छी स्थिति में नहीं है, जिसके पीछे कहीं न कहीं भ्रष्टाचार को लेकर भारत की ख़राब हुई छवि को देखा जा सकता है. भ्रष्टाचार के मामलों के बाद विदेश में ऐसा संदेश जा चुका है कि भारत में सरकार के साथ अर्थव्यवस्था भी कमज़ोर पड़ती जा रही है. ऐसे में प्रणब मुखर्जी इस नकारात्मक दृष्टिकोण को मिटाने की कोशिश ज़रूर करेंगें.”

अपनी यात्रा के दूसरे दिन यानी मंगलवार को प्रणब मुखर्जी अमरीकी और भारतीय कंपनियों के अधिकारियों के साथ एक बैठक करेगें.

साथ ही वित्त मंत्री अमरीका की आर्थिक नीति बनाने वाले उच्च अधिकारियों से भी मुलाक़ात करेगें.

इस दौरे पर वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के साथ आर्थिक मामलों के सचिव आर गोपालन और आरबीआई के गवर्नर डी सुब्बाराव भी शामिल हैं.

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