पति पत्नी आत्मघाती हमलावर

पाकिस्तान में तालिबानी हमला
Image caption ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान में मारे जाने के बाद पाकिस्तान में चरंपंथी गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिली है.

तालिबान ने कहा है कि शनिवार को उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में चरमपंथी हमला एक दंपत्ति ने किया था.

शनिवार को पाकिस्तान के क़बायली इलाक़े के पास स्थित कोलाची में यह हमला किया गया था जिसमें 8 लोग मारे गए थे. दक्षिणी वज़ीरिस्तान के इस इलाक़े को तालिबान का गढ़ माना जाता है.

हमले की ज़िम्मेदारी लेते हुए तालिबान ने बताया कि ये हमला एक शादी-शुदा दंपत्ति ने उनके आदेश पर किया.

ये दंपत्ति पुलिस स्टेशन में बुर्खा पहन कर घुसा, जिसके भीतर उन्होंने बंदूक, बम के गोले और आत्मघाती जैकेट जैसे हथियार छिपा रखे थे.

दोनों ने वहां मौजूद कर्मचारियों को कई घंटों तक बंदी बनाए रखा, जिसके बाद उन्होंने खुद को बम से उड़ा लिया.

इस बम धमाके में सात अफ़सर और एक चाय बेचने वाला छोटा बच्चा मारा गया.

‘अनोखी रणनीति’

इस्लामाबाद में मौजूद बीबीसी संवाददाता ओर्ला गुएरिन का कहना है कि एक पति और पत्नी का आत्मघाती हमले के लिए इस्तेमाल किया जाना दर्शाता है कि पाकिस्तानी तालिबान हमलों के लिए नए तरीके और रणनीतियां अपना रहा है.

इससे पहले भी तालिबान आत्मघाती हमलों के लिए बच्चों का इस्तेमाल कर चुका है. गत दिसंबर में पाकिस्तान के एक कबायली इलाक़े में हुए आत्मघाती हमले में भी एक महिला का इस्तेमाल किया गया था.

पाकिस्तानी तालिबान के एक प्रवक्ता ने कहा कि शनिवार को हुआ हमला ओसामा बिन लादेन की मौत का बदला लेने और पाकिस्तानी सरकार की चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के विरोध के रूप में किया गया है.

तालिबान के प्रवक्ता एहसान-उल्लाह एहसान ने रॉयटर्स को बताया, “हमलावर पति और पत्नी थे. हम अलग-अलग रणनीतियों और तरीकों का इस्तेमाल कर हमले जारी रखेंगें.”

ग़ौरतलब है कि गत दो मई को ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान में मारे जाने के बाद पाकिस्तान में चरमपंथी गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिली है.

पिछले महीने कराची में नेवी बेस में हुए आत्मघाती हमले की ज़िम्मेदारी भी तालिबान ने ही ली थी, जिसमें दर्ज़नों लोग मारे गए थे.