काबुल बैंक के पूर्व गवर्नर के खिलाफ़ वारंट

Image caption सेंट्रल बैंक के पूर्व गवर्नर अब्दुल क़ादिर फ़ितरत इस वक्त अमरीका में हैं.

अफ़ग़ान अधिकारियों ने अफ़ग़ानिस्तान के सेंट्रल बैंक के पूर्व गवर्नर अब्दुल क़ादिर फितरत के खिलाफ़ गिरफ्तारी का वारंट जारी कर दिया है.

उनपर अफगानिस्तान के सबसे बड़े निजी बैंक - काबुल बैंक में घपले और अनाधिकृत संख्या में मुद्रा छापने के आरोप हैं.

क़ादिर फ़ितरत अपने पद से इस्तीफ़ा देकर सोमवार को अफ़ग़ानिस्तान छोड़ अमरीका चले गए. उनका कहना था कि वो धोखाधड़ी को सार्वजनिक करने की कोशिश कर रहे थे, इसलिए अफ़ग़ानिस्तान में उनकी जान को ख़तरा था.

उनका आरोप था कि अफ़ग़ान सरकार ने उन्हें भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ क़दम उठाने से रोक रही है.

अब अफ़ग़ानिस्तान के डिप्टी एटॉर्नी जनरल रहमतुल्लाह नज़ारी ने कहा है कि वो अमरीकी दूतावास से क़ादिर फितरत की गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल की मदद लेने का आग्रह करेंगे.

अमरीका और अफ़ग़ानिस्तान के बीच प्रत्यर्पण की कोई संधि नहीं है और क़ादिर फ़ितरत ने कहा है कि उनकी अफ़ग़ानिस्तान लौटने की कोई मंशा नहीं है.

लेकिन बीबीसी से बातचीत में डिप्टी एटार्नी जनरल रहमतुल्लाह नज़ारी ने कहा, “हम उनका पीछा करेंगे, उन्हें यहां न्यायपालिका के सामने लेकर आएंगे, उनके ख़िलाफ कुछ गंभीर आरोप हैं, उन्हें इनका जवाब देना ही होगा.”

'मुश्किल पद'

क़ादिर फितरत पर सेंट्रल बैंक की आर्थिक बदइंतज़ामी, देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने, सरकारी संस्थानों के सुझाव ना मानने और निजी बैंकों पर ध्यान ना देने के आरोप हैं.

पिछले साल अफगानिस्तान के सबसे बड़े निजी बैंक, काबुल बैंक में करोड़ों डॉलर के घपले की वजह से बैंक बंद होने की कगार पर जा पहुंचा था.

पुलिस और अध्यापकों समेत 80% सरकारी कर्मचारियों के वेतन का भुगतान काबुल बैंक से ही होता है.

अप्रैल में क़ादिर फ़ितरत ने राष्ट्रपति हामिद करज़ई के भाई और उप-राष्ट्रपति क़ासिम फ़हीम समेत कई अहम् अफ़गान अधिकारियों पर इस धांधली में शामिल होने का आरोप लगाया था. दोनों ने इन आरोपों का खंडन किया था.

ब्रिटेन के अंतरराष्ट्रीय विकास के विभाग ने क़ादिर फ़ितरत के इस्तीफ़े को 'अफसोसजनक' बताया है और कहा है कि फ़ितरत ने, 'एक मुश्किल पद संभाला, जिसमें उन्हें कई पेचीदा चुनौतियों से निबटना था'.

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