'सू ची राजनीतिक गतिविधियाँ बंद करें'

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सरकारी मीडिया के मुताबिक बर्मा सरकार ने लोकतंत्र समर्थक नेता आंग सान सू ची और उनकी पार्टी को चेतावनी दी है कि वे सभी राजनीतिक गतिविधियाँ बंद कर दें.

आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने नोबल पुरस्कार विजेता सू ची से पत्र लिखकर कहा है कि उनकी पार्टी अपना कार्यालय खुला रखकर और बैठकें करके क़ानून का उल्लंघन कर रही है.

आंग सान सू ची को पिछले साल नवंबर में कई बर्षों की नज़रबंदी के बाद रिहा किया गया था. उससे पहले बर्मा में 20 साल में पहली बार चुनाव हुए थे.

सू ची की पार्टी एनएलडी ने चुनाव में पंजीकरण नहीं किया था और दल को आधिकारिक रूप से ख़त्म कर दिया गया था. बर्मा के न्यू लाइट अख़बार के मुताबिक अगर पार्टी ‘सामाजिक गतिविधियों’ में शामिल होना चाहती है तो उसे सामाजिक संगठन के तौर पर पंजीकरण कराना चाहिए.

रिहा किए जाने के बाद से आंग सान सू ची रंगून में ही हैं लेकिन उन्होंने कहा है कि जल्द ही उनकी योजना है कि वे बर्मा के अन्य इलाक़ों में जाकर समर्थकों से मिलें.लेकिन सरकारी अख़बार का कहना है कि ऐसे क़दम से मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं.

अख़बार में लिखा है, “हम चिंतित हैं कि अगर आंग सान सू ची ग्रामीण इलाक़ों में जाती हैं तो उससे दंगे हो सकते हैं- जैसे कि पहले हुआ है.”

राजनीति से बाहर

सू ची ने 2003 में ऐसा ही दौरा किया था जहाँ बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए थे. उस समय की सैन्य सरकार ने इन लोगों को वहाँ से खदेड़ दिया था.

कई लोगों की मौत हो गई थी. सू ची वहाँ से बच निकलने में सफल हुई थी हालांकि बाद में उन्हें नज़रबंद कर दिया था.नेशनल लीग फ़ॉर डेमोक्रेसी ने 1990 में हुए चुनाव में ज़बरदस्त जीत हासिल की थी लेकिन सेना ने उसे सत्ता में आने नहीं दिया था.

पिछले साल बर्मा में हुए चुनाव में पार्टी ने दोबारा पंजीकृत होने से मना कर दिया था. उसकी शिकायत थी कि इसके लिए रखी गई शर्तें अलोकतांत्रिक हैं.

जनवरी में बर्मा के सर्वोच्च न्यायलय ने भी एनएलडी को ख़त्म किए जाने के फ़ैसले का बरकरार रखा था और कहा था कि पार्टी एक ग़ैर क़ानूनी संगठन रहेगी.

कोर्ट के फ़ैसले के बाद एनएलडी और आंग सान सू ची बर्मा में औपचारिक रूप से राजनीति से अलग-थलग पड़ गई हैं.

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