'बेगुनाह हैं उरुनबॉय उस्मोनोव'

उरुनबॉय उस्मोनोव
Image caption उरुनबॉय उस्मोनोव को एक निर्भीक पत्रकार के तौर पर देखा जाता है

इस बात को अब तक दो हफ़्ते हो गए जब बीबीसी के उज़्बेक संवाददाता उरुनबॉय उस्मोनोव को ताजिकिस्तान में बंदी बनाया गया. उन पर आरोप लगाया गया है कि उनके संबंध मध्य एशिया में सक्रिय अवैध इस्लामी गुट हिज़्बउत तहरीर से हैं.

बीबीसी मध्य एशिया सेवा के संपादक हमीद इस्माइलोव उरुनबॉय के रिहाई कि लिए ताजिक अधिकारियों से बात करने ताजिकिस्तान गए हुए हैं. उन्हें थोड़ी देर के लिए उस्मोनोव से मिलने की अनुमति दी गई.

बाद में उन्होंने फ़ोन पर मुझे बताया, "मैं उरुनबॉय को देख कर हैरान रह गया. वह बेहद कमज़ोर नज़र आ रहे थे. जब तक मैं उनसे बात करता रहा उनकी नज़रें सुरक्षाकर्मियों पर गड़ी रहीं".

इस्माइलोव का कहना था, "मैंने उन्हें बताया कि बीबीसी में सभी उनके साथ हैं और समर्थन के संदेश दुनिया भर से आ रहे हैं. पत्रकार, प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान, मानवाधिकार संगठन, राजनीतिज्ञ और कूटनीतिज्ञ, सभी उनके साथ हैं".

जिस दिन उरुनबॉय की गिरफ़्तारी की ख़बर आई, हम सब जो उन्हें जानते हैं, एक दूसरे से यही कह रहे थे कि वह निर्दोष हैं.

क्या थे वे 'सुबूत'?

हमें नहीं पता कि उन्हें किस जुर्म में गिरफ़्तार किया गया है. हम बस इतना जानते हैं कि उन्हें ले जाया गया, रात भर हिरासत में रखा गया और अगले दिन उनके घर की तलाशी में कुछ 'सुबूत' मिले.

दो सप्ताह बीतने पर भी हमें अब पता चला है कि वे सुबूत कुछ किताबें थीं और कम्यूटर में मौजूद कुछ फ़ाइलें जिनमें हिज़्बुत तहरीर का ज़िक्र था. पता चला कि उरुनबॉय बिना सुरक्षा अधिकारियों को बताए इस गुट के कुछ सदस्यों से मिले थे.

Image caption उरुनबॉय उस्मोनोव के लिए उनके बीबीसी के सहयोगी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं

लेकिन यह तो एक पत्रकार का काम ही है. फिर उरुनबॉय इस के लिए जेल में क्यों हैं.

उरुनबॉय के एक साथी ने मुझे टीवी की एक क्लिप दिखाई जिसमें वह अपने बेटे की शादी के समय नाच-गा रहे थे. यह तो उस गुट की नीतियों के ख़िलाफ़ है जिसका साथ देने का उन पर आरोप लगाया गया है.

यह वह उरुनबॉय हैं जिन्हें हम सब जानते हैं. उनके लेख और बीबीसी के लिए की गई रिपोर्टें उनके देश में हुए राजनीतिक और सामाजिक उथलपुथल का दस्तावेज़ हैं.

हम सब को उनकी बेगुनाही का यक़ीन है और हम उन्हें रिहा कराने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे.

हमें पूरा विश्वास है वह फिर अपने परिवार के पास लौटेंगे और अपना लेखन जारी रखेंगे.

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