चीन में जबरन भू-अधिग्रहण हुआ मुश्किल

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Image caption चीन में भूमि के पुनर्विकास का मुद्दा विवादों का विषय रहा है.

चीन ने भूमि अधिग्रहण से जुड़ा एक नया कानून पारित कर दिया है जिसके बाद दावा है कि नागरिकों के अधिकार अधिक सुरक्षित होंगे और अधिकारीयों के लिए ज़मीन को जबरन खाली करना मुश्किल होगा.

ये नया कानून जो कि पिछले 12 साल से बन रहा था अगले साल से प्रभावी होगा. इस कानून में ताकत से ज़मीन खाली करने की मनाही है. नए कानून में इस बात का भी प्रावधान है कि ज़मीन को अवकाश के दिनों में या रात में नहीं खाली कराया जा सकेगा.

स्थानीय अधिकारी आम तौर पर सख्ती का सहारा लेते है ख़ास तौर पर ज़मीन के पुनर्विकास के मामलों में.

अधिग्रहण के चलते वो उग्र हो जाते हैं, कभी-कभी हिंसक भी हो जाते हैं, कभी पुलिस और सुरक्षा गार्डों का सहारा भी लेते हैं ताकि वहां के निवासी अपनी जगह छोड़ ही दें.

'कमज़ोरियां'

नए कानून में कहा गया है कि ऐसा केवल कुछ आपात मामलों में ही किया जा सकता है.

पर इस कानून में इस बात की व्याख्या नहीं है कि आपात कि परिभाषा है क्या. विशेषज्ञों को डर है कि चीन के अधिकारी इस रास्ते का सहारा ज़मीन जबरन खाली करने के लिए कर सकते हैं.

इस कानून को बनाने वालों के लिए आम लोगों और स्थानीय प्रशासन के बीच अधिकारों के संतुलन को बनाने का नाज़ुक काम था. शायद इसलिए ही इस कानून को बनने में 12 साल लग गए.

चीनी समाचारपत्रों में इस कानून को बहुप्रतीक्षित कानून कहा गया है. इसके पहले जनवरी में एक और कानून आया था जिसमे उन मकानों के निवासियों सही मुआवजा देने की बात है जिनके मकान अधिगृहित किए जाते हैं.

साथ ही उस कानून में कहा गया था कि लोगों के घर बिना कानूनी अनुमति के नहीं गिराए जा सकेगें.

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