थाईलैंड में शुरू हुआ अहम मतदान

यिंगलक चिनावाट इमेज कॉपीरइट BBC World Service

पाँच साल की राजनीतिक उठापटक के बाद आज थाईलैंड में अहम आम चुनाव हो रहे हैं. जानकार इस चुनाव को देश के लोकतंत्र की परख भी मान रहे हैं.

इस चुनाव में विपक्षी पार्टी की उम्मीदवार यिंगलक चिनावाट का पलड़ा भारी नज़र आ रहा है. जनमत सर्वेक्षणों में उन्हें आगे बताया जा रहा है.

यिंगलक चिनावाट पूर्व प्रधानमंत्री टकसिन चिनावट की बहन हैं. वर्ष 2006 में विद्रोह के बाद टकसिन चिनावाट का तख़्तापलट कर दिया गया था.

यिंगलक को टक्कर दे रहे हैं निवर्तमान प्रधानमंत्री अभिसित वीजाजीवा.

वीजाजीवा का आरोप है कि यिंगलक अपने भाई टकसिन चिनावाट को भ्रष्टाचार के आरोपों से मुक्त करना चाहती हैं, ताकि दुबई में देशनिकाला झेल रहे टकसिन वापस स्वदेश लौट सकें.

हालाँकि दोनों पार्टियों ने वादा किया है कि वे विभाजित राष्ट्र में एकता की कोशिश करेंगी.

सुरक्षा व्यवस्था

थाईलैंड में मतदान के लिए काफ़ी तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था है. क़रीब एक लाख 70 हज़ार पुलिसकर्मियों को मतदान केंद्रों के बाहर तैनात किया गया है.

पिछले साल प्रदर्शनकारियों ने बैंकॉक के कुछ हिस्सों को दो महीनों के लिए बंद कर दिया था. प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि सरकार तुरंत त्यागपत्र दे.

बाद में सेना को इस मामले में दखल देना पड़ा और हिंसा में 91 लोगों की जान गई. माना जाता है कि उन प्रदर्शनकारियों में टकसिन के समर्थक भी थे.

बैंकॉक से बीबीसी संवाददाता करिश्मा वासवानी का कहना है कि थाईलैंड के चुनाव देश की राजनीतिक अस्थिरता को ख़त्म करने का एक मौक़ा है.

पिछले कुछ वर्षों में थाईलैंड में जमकर प्रदर्शन हुए हैं, हवाई अड्डे बंद हुए हैं और देश की दो प्रमुख राजनीतिक गुटों के बीच जमकर हिंसा भी हुई है. इस कारण न सिर्फ़ देश की छवि को नुक़सान पहुँचा है बल्कि आर्थिक नुक़सान भी हुआ है.

रविवार को हो रहे चुनाव में निचले सदन प्रतिनिधि सभा की 500 सीटों के लिए 40 पार्टियों ने 3832 उम्मीदवार चुने हैं.

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