मृत लड़की की फोन हैकिंग पर बवाल

इमेज कॉपीरइट PA
Image caption नौ साल पहले जब मिली डाउलर अगुवा की गई, तब वो स्कूल में थी.

ब्रितानी अख़बार ‘न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड’ पर एक ब्रितानी लड़की मिली डाउलर की हत्या के बाद उसका फोन हैक करने का आरोप लगाया गया है.

इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा है कि अगर ये सच है तो ये “सचमुच वीभत्स कारनामा” है.

उन्होंने कहा कि पुलिस को पूरी कार्रवाई कर मामले की तह तक जाना चाहिए.

मिली डाउलर को नौ साल पहले वर्ष 2002 में अगवा कर लिया गया था.

अब ‘गार्डियन’ अख़बार ने दावा किया है कि उस दौरान जब पुलिस मिली को ढूंढ रही थी, ‘न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड’ अख़बार के एक निजी जासूस ने उसका फ़ोन हैक किया.

गार्डियन के मुताबिक़ मिली का वॉयसमेल भर गया था लेकिन इस जासूस ग्लेन मलकेयर ने उसके फ़ोन से कुछ संदेश हटा दिए.

परिवार के क़रीबी एक सूत्र के हवाले से ‘गार्डियन’ कहता है कि इससे परिवार के मन में झूठी उम्मीद जगी कि मिली ने ही अपने संदेश हटाए हैं और वो ज़िंदा है.

लेकिन तब तक एक नाइटक्लब का चौकीदार लेवी बेलफील्ड मिली की हत्या कर चुका था.

पिछले महीने ही उसे हत्या के लिए दोषी पाया गया और उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई गई.

‘घिनौना और दुष्ट’

डाउलर के माता-पिता के वक़ील मार्क लुई के मुताबिक़ उन्हें पता चला है कि सैली और बॉब डाउलर के फ़ोन हैक करने की भी कोशिश की गई थी.

एक बयान में उन्होंने कहा कि मिली के माता-पिता सैली और बॉब पहले ही बहुत व्यथित थे, इस नई परेशानी का सामने आना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है.

मार्क ने कहा, “ये घिनौना और दुष्ट है कि ‘न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड’ ने इतने अमानवीय तरीक़े से काम करने का सोचा, ये जानते-बूझते हुए कि इससे पुलिस की तहक़ीकात पर असर पड़ेगा और परिवार के मन में झूठी उम्मीद जगेगी.”

‘न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड’ की मालिक कंपनी, ‘न्यूज़ इंटरनेशनल’ के प्रवक्ता ने कहा है कि वो पुलिस की तहक़ीकात के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं.

प्रवक्ता ने कहा, “इस नई जानकारी के सामने आने से हम चिंतित है और इस पूरे मामले में हम अपनी अंदरूनी जांच भी करेंगे.”

उधर लेबर पार्टी ने भी हैकिंग के आरोपों की जांच की मांग की है.

फ़ोन हैकिंग विवाद

अगले साल जनवरी में ब्रिटेन का उच्च न्यायालय पांच जानी-मानी हस्तियों के फोन हैकिंग की शिकायतों की सुनवाई करेगा.

ये शिकायतकर्ता हैं पूर्व फुटबॉलर पॉल गैसकॉय, अभिनेता जूड लॉ, खेल एजंट स्काई ऐन्ड्रू, इंटीरियर डिज़ाइनर केली होप्पन और सांसद क्रिस ब्रायंट.

ये सभी शिकायतों की जानकारी मेट्रोपॉलिटन पुलिस को जासूस मलकेयर से ही मिली थीं.

मलकेयर और ‘न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड’ के संपादक क्लाइव गुडमैन को वर्ष 2007 में शाही परिवार के फोन टैप करने के आरोप में जेल में बंद भी किया गया था.

इससे पहले ‘न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड’ अख़बार के साथ पांच कथित शिकायतकर्ताओं ने अदालत से बाहर समझौता कर लिया था.

इनमें सेलेब्रिटी पब्लिसिस्ट मैक्स क्लिफर्ड भी शामिल थे और एक अनुमान के मुताबिक उन्हें दस लाख पाउंड दिए गए थे.

फोन टैपिंग की शिकायतों की तहक़ीकात के दौरान पांच पत्रकारों को गिरफ़्तार कर लिया गया है.

‘गार्डियन’ अख़बार में ये रिपोर्ट लिखने वाले विशेष संवाददाता निक डेविस ने बीबीसी के बताया कि वर्ष 2002 में ‘न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड’ अख़बार की संपादक रेबेका ब्रूक्स थीं जो अब ‘न्यूज़ इंटरनेशनल’ की मुख्य कार्यकारी आधिकारी हैं, अब उन्हें हैकिंग के आरोपों के बारे में स्पष्टीकरण देना पड़ेगा.

संबंधित समाचार