'ससुराल न जाने की सज़ा'

इज़्ज़त के नाम पर हत्या आम है
Image caption हरियाणा में इज़्ज़त के नाम पर हत्या आम है

हरियाणा पुलिस का कहना है कि रविवार को कैथल ज़िला में एक नवयुवती की गला घोंट कर हत्या कर दी गई थी.

पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ये बात सामने आई है. हालांकि पुलिस ने इस मामले में अभी तक कोई गिरफ़्तारी नहीं की है.

नवयुवती के रिश्तेदारों ने पुलिस को फ़ोन कर इस हत्या की जानकारी दी और कहा कि उसके पिता, चाचा और एक अन्य रिश्तेदार ने मिलकर नवयुवती की हत्या की थी.

कहा जा रहा है कि इस नवयुवती की शादी एक उम्र दराज़ व्यक्ति से की गई, जिसके साथ ससुराल जाने से उसने मना कर दिया. इसी कारण उसके परिवार वालों ने कथित रूप से उसकी हत्या कर दी.

चुनौती

कैथल ज़िला के पुलिस अधीक्षक सिमरदीप सिंह ने बीबीसी हिंदी से बात करते हुए कहा कि अभी मामले की जांच चल रही है और इसे इज़्ज़त के नाम पर हत्या कहना थोड़ी जल्दबाज़ी होगी.

हालांकि नवयुवती के रिश्तेदारों में से कई इसे इज़्ज़त के नाम पर हत्या ही कह रहे हैं.

ख़बरे ये भी हैं कि नवयुवती ने इस मामले में पुलिस की मदद की कोशिश की थी लेकिन सिमरदीप सिंह ने कहा कि उनके विभाग तक किसी मदद की गुहार नहीं आई थी.

हरियाणा उन कई राज्यों में से एक है जहां इज़्ज़त के नाम पर हत्या एक आम बात है और यह प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है.

कैथल ज़िले में ही साल 2007 में बहुचर्चित बबली और मनोज हत्याकांड हुआ था जिसमें करोरा गांव की खाप पंचायत ने बबली और मनोज के भाग कर शादी करने पर उन्हें जान से मार दिया था.

इस मामले में पहली बार निचली अदालत ने पांच लोगों को मौत की सज़ा सुनाई थी.

सरकार के बार बार खाप पंचायत को ग़ैर क़ानूनी बताने और अदलातों के इज़्ज़त के नाम पर हो रही हत्या के दोषियों को मौत की सज़ा की हिमायत करने के बावजूद, इस तरह की हत्या में कमी होती नहीं दिखती.

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