डब्लूटीओ ने चीन को फटकारा

Image caption विश्व व्यापार संगठन ने कहा चीन ने उसके नियमों का उल्लंघन किया है

विश्व व्यापार संगठन का कहना है कि चीन ने कुछ औद्योगिक कच्चे माल के निर्यात पर रोक लगाकर डब्लूटीओ के नियमों का उल्लंघन किया है.

अमरीका, यूरोपीय संघ और पंद्रह अन्य देशों की शिकायत पर विश्व व्यापार संगठन के एक पैनल ने ये फ़ैसला सुनाया.

चीन कच्चे एल्युमीनियम, ज़िंक, मैंगनीज़ और कोक जैसे औद्योगिक माल के निर्यात को रोकने के लिए निर्यात टैक्स और कोटे का इस्तेमाल करता है.

अमरीका, यूरोपीय संघ और अन्य देशों ने शिकायत की है कि इन प्रतिबंधों के कारण दुनिया के बाज़ारों में इस माल की कमी हो जाती है जिससे दाम ऊपर चढ़ जाते हैं.

उनकी ये भी शिकायत है कि चीन के अपने उद्योगों को इससे लाभ होता है क्योंकि उन्हे भरपूर आपूर्ति और कम दाम में माल मिलता रहता है.

विश्व व्यापार संगठन ने इस शिकायत की पुष्टि की है और चीन के इस तर्क को ख़ारिज कर दिया है कि ख़र्च होने वाले संसाधनों का संरक्षण करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए ये प्रतिबंध न्यायोचित हैं.

बेबुनियाद तर्क

चीन का संरक्षण वाला तर्क विश्व व्यापार संगठन के पैनल को विश्वास दिलाने में असफल रहा क्योंकि उसने इस कच्चे माल के घरेलू प्रयोग पर प्रतिबंध नहीं लगाया है.

जहां तक सार्वजनिक स्वास्थ्य का प्रश्न है चीन ये साबित नहीं कर पाया कि इन प्रतिबंधों से प्रदूषण में कमी आती है.

चीन के पास इस निर्णय के ख़िलाफ़ अपील करने का विकल्प है लेकिन कई बार देश सालों तक विश्व व्यापार संगठन के निर्णय पर अमल नहीं करते.

लेकिन पैनल के इस फ़ैसले से चीन के ख़िलाफ़ एक नई शिकायत दर्ज हो सकती है कि वह दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाता है जो उच्च तकनोलॉजी वाले उपकरणों में काम आते हैं.

इस समय 97 प्रतिशत दुर्लभ खनिजों का स्रोत चीन है.

हालांकि खनन के विकास और नई खोजों से इस क्षेत्र में आगे चलकर चीन पर निर्भरता घट सकती है.

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