अफ्रीका में भयावह भुखमरी

शिविर में हर रोज़ डेढ़ हज़ार लोग पहुँच रहे हैं

पूर्वी अफ्रीका में सोमालिया और इथियोपिया से सूखे की भयावह स्थिति के बारे में जानकारियाँ सामने आ रही हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि इथियोपिया के दक्षिण पूर्वी हिस्से में बनाए गए दोलो ओदो शिविर में एक लाख से अधिक भूखे और कुपोषित लोग पहुँच चुके हैं.

दोलो आदो के शिविर में भीड़ बहुत बढ़ गई है मगर डेढ़ हज़ार से अधिक लोग हर रोज़ आ रहे हैं, वे भूखे और बुरी तरह थके हुए हैं.

कई दिनों तक पैदल चलने की वजह से उनकी दशा बहुत दयनीय हो गई है क्योंकि इनमें से लगभग सभी लोग कुपोषण के शिकार हैं.

एक महिला ने मुझसे कहा कि वह भाग्यशाली है कि यहाँ तक पहुँच गई है लेकिन ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो यहाँ तक नहीं पहुँच पाएँगें और पीछे ही रह जाएँगे, उन लोगों के लिए जीवित रहने का संघर्ष अत्यंत कठिन संघर्ष होगा

जुडिथ शिलर, राहत अधिकारी

विश्व खाद्य कार्यक्रम की जुडिथ शुलर का कहना है कि जो लगो इस कैंप तक पहुँच पाए हैं वे भाग्यशाली हैं क्योंकि अधिकतर लोग इतने कमज़ोर हो चुके हैं कि वे इतनी लंबी यात्रा नहीं कर सकते.

जुडिथ शुलर ने कहा, "एक महिला ने मुझसे कहा कि वह भाग्यशाली है कि यहाँ तक पहुँच गई है लेकिन ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो यहाँ तक नहीं पहुँच पाएँगें और पीछे ही रह जाएँगे, उन लोगों के लिए जीवित रहने का संघर्ष अत्यंत कठिन संघर्ष होगा".

कीनियाई सीमा के पास स्थित दोलो ओदो भी कोई आसान जगह नहीं है, वहाँ शिविरों तक खाना पहुँचाना एक ख़तरनाक और चुनौती भरा काम है.

इन शिविरों के लिए हर महीने जिबूती से पचास ट्रकों पर भरकर खाद्य सामग्री लाई जा रही है. जिबूती से दोलो ओदो तक पहुँचने में दस दिन लगते हैं.

जोखिम भरा काम

इन ट्रकों के लूटे जाने और उन पर हमले का ख़तरा लगातार बना रहता है, मई में दो ट्रकों पर ओगादेन नेशनल लिबरेशन फ्रंट के विद्रोहियों ने हमला कर दिया था जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और विद्रोहियों ने दो लोगों को बंधक बना लिया था.

हाल ही में बंधक बनाए गए दोनों लोगों को रिहा किया गया है.

विश्व खाद्य कार्यक्रम का कहना है कि जोखिम के बावजूद इस सप्लाई को जारी रखने की अहमियत बहुत अधिक है और यह जारी रहेगी.

संयुक्त राष्ट्र ने सोमालिया के इस्लामी संगठन अब शबाब की इस घोषणा का स्वागत किया है कि वे अंतरराष्ट्रीय कल्याणकारी संस्थाओं के काम में बाधा नहीं डालेंगे.

इससे पहले उन्होंने अपने नियंत्रण वाले इलाक़े में उनके काम करने पर यह कहते हुए रोक लगा दी थी कि उनका रवैया इस्लाम विरोधी है.

सोमालिया की एक चौथाई आबादी सूखे की वजह से विस्थापित हो गई है, ज्यादातर लोग पड़ोसी देशों या विश्व खाद्य कार्यक्रम की ओर से चलाए जा रहे शिविरों की ओर जाने की कोशिश कर रहे हैं.

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