फ़ोन हैकिंग मामले में नया मोड़

ब्रिटेन में फ़ोन हैकिंग
Image caption ब्रिटेन में फ़ोन हैकिंग के मामले पर बवाल बढ़ता जा रहा है.

ब्रिटेन के एक अख़बार ने दावा किया है कि 'न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड' अख़बार ने कथित तौर पर मृत ब्रितानी सैनिकों के परिजनों के फ़ोन को हैक किया था.

लंदन के 'द डेली टेलिग्राफ़' का दावा है कि मृत सैनिकों के परिजनों के फ़ोन नंबर 'न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड' अख़बार के निजी जासूस ग्लेन मलकेयर की फ़ाइल में पाए गए थे.

ये ताज़ा जानकारी ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के उस बयान के बाद मिली है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वो फ़ोन हैकिंग मामले की जांच के आदेश देंगे.

'न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड' अख़बार के मालिक रूपर्ट मर्डॉक ने हैकिंग के दावे को निंदनीय बताया है.

'न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड' की मालिक कंपनी 'न्यूज़ इंटरनेशनल' ने कहा है कि मृत सैनिकों के परिजनों के फ़ोन की हैकिंग के आरोप में अगर ज़रा सी भी सच्चाई है तो ये जानकर वे पूरी तरह 'स्तब्ध और भयभीत' हैं.

कंपनी ने कहा कि वे फ़ौरन रक्षा मंत्रालय से संपर्क करेंगे.

कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, ''सुरक्षाकर्मियों के मित्र के रूप में न्यूज़ इंटरनेशनल का रिकॉर्ड बिल्कुल स्वच्छ है.''

'अप्रसन्न'

इराक़ के शहर बसरा में 2004 में एक बम धमाके में मारे गए ब्रितानी सैनिक गॉर्डन जेंटिल की मां रोज़ जेंटिल ने बीबीसी से बातचीत के दौरान कहा कि इस शर्मनाक़ आरोप से वे बहुत दुखी हैं.

रोज़ जेंटिल ने कहा कि परिजनों मे इसको लेकर काफ़ी नाराज़गी है, पुलिस को तुरंत परिजनों से संपर्क करना चाहिए और इस विपदा से बाहर आने में उनकी मदद करनी चाहिए.

रोज़ ने अपनी नाराज़गी जताते हुए कहा, ''मैं वो अख़बार अब कभी नहीं ख़रीदूंगी, अगर ये आरोप सहीं हैं तो उन्हें इंसाफ़ के कठघरे में खड़ा करना चाहिए और उन्हें इसकी सज़ा मिलनी चाहिए.''

अफ़ग़ानिस्तान में ब्रितानी सेना के पूर्व कमांडर कर्नल रिचर्ड केम्प ने बीबीसी को बताया कि जब उन्होंने ये ख़बर सुनी तो वो ग़ुस्से में पूरी तरह अवाक रह गए थे.

कंजरवेटिव सांसद पैट्रिक मर्कर ने बीबीसी को बताया कि फ़ोन हैकिंग के आरोप काफ़ी हानिकारक हैं और इससे परिजनों के दुख में और इज़ाफ़ा होगा.

मर्कर पहले ब्रितानी सेना में काम कर चुके हैं.

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Image caption ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के संचार प्रमुख एंडी कॉलसन ने इस मुद्दे पर इस्तीफ़ा दे दिया है.

रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, ''फ़िलहाल ये मामला मेट्रोपॉलिटन पुलिस के पाले में है जो इन आरोपों की जांच कर रही है. हमलोगों के लिए इस समय कुछ भी कहना ठीक नहीं होगा जबकि मामले की जांच जारी है.''

'निंदनीय'

इससे पहले न्यूज़ इंटरनेशनल की मूल कंपनी न्यूज़ कॉरपोरेशन के चेयरमैन रूपर्ट मर्डॉक ने फ़ोन हैकिंग पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड पर फ़ोन हैकिंग और पुलिस को पैसे देने के जो आरोप लगे हैं, वे निंदनीय और अस्वीकार्य हैं.

एक बयान जारी कर मर्डॉक ने कहा, "इस समस्या के निदान के लिए हमलोग पूरी तरह प्रतिबद्घ हैं और ऐसा दोबारा ना हो, इसको रोकने के लिए हमने बहुत सारे महत्वपूर्ण क़दम उठाए हैं."

इस बीच वित्त मंत्री जॉर्ज ऑसबॉर्न के एक प्रवक्ता ने कहा है कि स्कॉटलैंड यार्ड ने वित्त मंत्री को बताया है कि निजी जासूस मलकेयर और न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ज अख़बार के एक पूर्व रिपोर्टर क्लाइव गुडमैन की डायरी में उनका नाम और फ़ोन नंबर लिखा हुआ था.

हालांकि उन्होंने ये भी बताया कि फ़िलहाल ये नहीं कहा जा सकता है कि वित्त मंत्री का फोन हैक हुआ था.

इससे पहले प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने ब्रितानी लड़की मिली डाउलर की हत्या के बाद उसके फ़ोन हैक किए जाने की ख़बर पर अपनी अप्रसन्नता का इज़हार किया था.

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