तहरीर चौक पर फिर तने तंबू

तहरीर चौक इमेज कॉपीरइट AFP

मिस्र में सुधारों की गति तेज़ करने की मांग को लेकर हज़ारों लोग काहिरा के तहरीर चौक पर जमा हो गए हैं. विपक्ष ने शुक्रवार की विशाल रैली को 'हिसाब का शुक्रवार' नाम दिया है.

इसी चौक पर 18 दिन तक चले प्रदर्शनों के बाद उस समय के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक को इस्तीफ़ा देना पड़ा था.

तहरीर चौक पर प्रदर्शनकारियों ने पिछली रात से ही आना शुरू कर दिया था. इन लोगों तहरीर चौक पर अपने टेंट गाढ़ दिए हैं. चौक के ठीक बीचोंबीच तपती धूप से बचाव के लिए कनात लगाई गई है.

इन लोगों ने पूरे चौक की नाकेबंदी भी की है ताकि शरारती तत्वों को यहां बाहर रखा जा सके.

प्रदर्शनकारी यातायात को भी नियंत्रित कर रहे हैं क्योंकि पुलिस और सुरक्षाबल इनके आते ही किनारे हो गए हैं.

'हिसाब का शुक्रवार'

विपक्षी नेताओं ने इसे रैली दस लाख लोगों को आने का आहवान करते हुए इस 'हिसाब का शुक्रवार' नाम दिया है

बहुत से प्रदर्शनकारी 11 फ़रबरी को होस्नी मुबारक के सत्ता छोड़ने के बाद से परिवर्तन की धीमी रफ़्तार ने नाख़ुश हैं.

इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption प्रदर्शनकारी सुधारों की गति तेज़ करने की मांग कर रहे हैं

इन लोगों की मांग है कि मुबारक और उनके समय के अधिकारियों पर तुरंत मुकदमा चलाया जाना चाहिए.

प्रदर्शनकारी सैनिक सरकारी से नाराज़ हैं क्योंकि उनके अनुसार इस वर्ष जनवरी और फ़रबरी में हुए प्रदर्शन के दौरान हुई मौतों के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ सही कार्रवाई नहीं हुई है.

एक 18 वर्षीय युवक मोहम्मद अबुल मकारम कहते हैं, "कुछ नहीं बदला है. परिवर्तन में समय लगता है लेकिन सुधार तो अभी शुरू हो सकते हैं."

एक विपक्षी नेता तारिक अल-खोली ने सरकारी टीवी चैनल को बताया, "हम पिछले राज के सारे तंत्र की सफ़ाई करना चाहते हैं जैसे विश्वविद्यालय और न्यायापालिका इत्यादी. हम गृह मंत्रालय में सुधार की मांग करते हैं. मुबारक के इस्तीफ़े के पांच महीने बाद हमने अपने लक्ष्य हासिल नहीं किए हैं."

इस प्रदर्शन को बड़े विपक्षी दल मुस्लिम ब्रदरहुड का भी समर्थन है.

संबंधित समाचार