ब्रिटेन का सबसे लोकप्रिय अख़बार बंद

न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड इमेज कॉपीरइट news of the world

ब्रिटेन के सबसे अधिक बिकने वाले अख़बार न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड का आखिरी अंक रविवार को प्रकाशित हो गया है. अख़बार के मुखपृष्ठ का शीर्षक है- थैक्यू एंड गुडबाय.

शनिवार को कर्मचारियों के साथ अख़बार के दफ्तर से बाहर जाते हुए संपादक कॉलिन मेयर ने कहा, "हम जिन हालात में हैं हमें वहाँ नहीं होना चाहिए था और हम इस स्थिति में होने के पात्र नहीं हैं."

फोन हैकिंग से जुड़े विवादों के बाद अख़बार को बंद करने का फ़ैसला किया गया था. पिछले 168 वर्षों से छप रहा यह अख़बार ब्रिटेन का सबसे लोकप्रिय अख़बार माना जाता था और रविवार को इसकी प्रतियां हाथों हाथ बिक जाती थीं.

अख़बार ने अपने संपादकीय में क्षमायाचना छापी है - "सीधे-सीधे कहें, हम रास्ते में कहीं भटक गए."

रूपर्ट मर्डोक

सेलिब्रिटी स्कूप के लिए मशहूर न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड के आखिरी अंक में कोई विज्ञापन नहीं दिया गया है और अख़बार के पहले पन्ने पर शीर्षक है- थैंक्यू एंड गुडबाय.

यह अख़बार मीडिया मुगल रुपर्ट मर्डोक के न्यूज़ कॉरपोरेशन का हिस्सा था.

रूपर्ट मर्डोक अख़बार से जुड़े फ़ोन हैकिंग के विवाद को सुलझाने के लिए ब्रिटेन पहुँचनेवाले हैं.

कुछ दिनों पहले ये बात सामने आई थी कि अख़बार ने अवैध तरीके से लोगों के फोन हैक किए थे जिसके बाद से मामले की जांच शुरु हो गई थी और मामला गंभीर होता चला गया था.

इसी मामले में अख़बार के पूर्व संपादक को गिरफ़्तार भी किया गया था. मामले की नज़ाकत को देखते हुए इसी हफ्ते कंपनी ने अख़बार को पूरी तरह से बंद करने की घोषणा कर दी थी.

अख़बार के बंद होने से कम से कम 200 कर्मचारी बेरोज़गार हो रहे हैं लेकिन अभी साफ नहीं है कि न्यूज़ कॉर्प उन्हें अपने अन्य अख़बारों में नौकरी देता है या नहीं.

न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड हर रविवार को प्रकाशित होता था और 168 सालों के इतिहास में अख़बार ने धनी और शक्तिशाली लोगों के कई ग़लत कार्यों का पर्दाफ़ाश किया था.

इसके साथ ही अख़बार सेलिब्रिटी गॉसिप में भी सबसे आगे माना जाता था लेकिन दस जुलाई को इस अख़बार का अंत हो गया है.

जाँच

कर्मचारियों के सामने एक संक्षिप्त भाषण देते हुए कॉलिन मेयर ने समाचारपत्र का 8,764वां संस्करण हाथ मे लिया और कहा, "ये हमारे साढ़े सत्तर लाख पाठकों को श्रद्धांजलि है - ये आपके लिए है. और कर्मचारियों से कहुँगा, शुक्रिया."

रूपर्ट मर्डोक ने कहा है कि अख़बार की पूर्व संपादक और उनकी मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिबेका ब्रुक्स को उनका पूरा समर्थन है.

सासंदो को भेजी गई एक चिट्ठी में ब्रुक्स ने कहा है कि संपादक के तौर पर ह्त्या की शिकार हुई स्कूली छात्रा मिली डाऊलर और किसी के फ़ोन हैंकिंग की ख़बर उन्हें नहीं थी.

विपक्षी लेबर पार्टी ने पूरे मामले की न्यायिक जाँच की मांग की है ताकि न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड के बंद होने के बाद उससे जुड़े सबुत न समाप्त हो जाएं.

समाचारपत्र पर राजनीतिज्ञों, जानी-मानी हस्तियों और अपराध के शिकार हुए लोगों के फ़ोन हैकिंग का आरोप है. पुलिस का मानना है कि तक़रीबन 4,000 लोग इस हैकिंग का शिकार हुए होंगे.

सरकार ने इस मामले में दो अलग-अलग जाँच के आदेश दिए हैं. पहली जाँच के मुखिया एक जज हैं जो समाचारपत्रों की गतिविधियों पर एक रिपोर्ट तैयार करेगा.

दूसरे दल को ये देखना है कि ये मामला साल 2006 में फ़ोन हैकिंग पर हुई एक पुलिस छानबीन में क्यों सामने नहीं आ पाया था.

संबंधित समाचार