सोमालिया में सूखे की स्थिति भयावह

Image caption सोमालिया में सूखे की हालत सबसे ख़राब मानी जा रही है.

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के प्रमुख ने कहा है कि वो चाहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां सोमालिया जाकर भयंकर सूखे से पीड़ित लोगों की मदद करें.

एजेंसी के प्रमुख एंटोनियो गुटरेस ने बीबीसी के साथ एक बातचीत में कहा कि वो मानते हैं कि संयुक्त राष्ट्र सोमालिया के साथ बातचीत कर रहा है ताकि राहत सामग्री पहुंचाने के लिए सुरक्षा संबंधी बाधाओं को दूर किया जा सके.

उन्होंने कहा कि पूरा पूर्वी अफ्रीका सूखे की चपेट में है लेकिन सोमालिया की स्थिते सबसे अधिक ख़राब है.

उनका कहना था कि सोमालिया में संघर्ष के कारण बड़ी संख्या में लोग फंसे हुए हैं और पड़ोसी देश इथियोपिया और केन्या में बने शरणार्थी शिविरों तक पहुंच नहीं पा रहे हैं.

इससे पहले मेडिकल राहत एजेंसी एमएसएफ ने कहा है कि उन्होंने सोमालिया में कैंप लगाए हैं जिसमें हज़ारों लोग आ रहे हैं.

ब्रिटेन की राहत संस्था आपदा इमरजेंसी कमिटी ने कहा है कि पूर्वी अफ्रीका में सूखे से निपटने के लिए की गई अपील के बाद लोगों ने बड़ी मात्रा में राहत उपलब्ध की है.

कमिटी ने बताया कि अभी तक लोगों ने साठ लाख पाउंड दान किए हैं ताकि पूर्वी अफ्रीका के सूखा प्रभावित लोगों को मदद पहुंचाई जा सके.

कीनिया, इथियोपिया और सोमालिया से हज़ारों की संख्या में लोग भोजन पानी और मेडिकल सुविधाओं की तलाश में पलायन कर रहे हैं और राहत शिविरों में पर्याप्त सुविधा नहीं मिल रही है.

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार पूर्वी अफ्रीका में यह पिछले साठ वर्षों का सबसे ख़तरनाक सूखा है.

विश्व खाद्य कार्यक्रम का कहना है कि उन्हें क़रीब एक करोड़ लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था करनी होगी क्योंकि पूर्वी अफ्रीका के कई देशों से लोग पलायन कर रहे हैं.

कीनिया और सोमालिया के बीच बने राहत शिविर से बीबीसी संवाददाता बेन ब्राउन का कहना है कि राहत शिविरों में बच्चों की हालत बेहद ख़राब है क्योंकि बच्चे कई कई दिन तक चल कर राहत शिविरों में पहुंचे हैं.

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