सीरिया में तनाव के बीच राष्ट्रीय संवाद

सीरिया इमेज कॉपीरइट AP
Image caption सीरिया में प्रमुख विपक्षी नेता राष्ट्रीय संवाद का बहिष्कार कर रहे हैं

सीरिया में महीनों से चले आ रहे तनाव के ख़ात्मे के लिए सरकार ने राष्ट्रीय संवाद की शुरूआत की है.

दमिश्क मे आयोजित इस दो दिवसीय बैठक में सत्ताधारी बाथ पार्टी के अलावा विपक्षी सदस्य भी शामिल हो रहे हैं.

सीरिया सरकार का कहना है कि बैठक की शुरुआत मे संभावित राजीतिक सुधार सहित बहुदलीय चुनाव व्यवस्था और मीडिया संबंधी नए क़ानून पर चर्चा हो रही है.

बैठक के उदघाटन भाषण में सीरिया के उपराष्ट्रपति फ़ारुख़ अल शरा ने कहा कि वह सीरिया में एक बहुसंख्यक समाज और बहुदलीय राजनीतिक व्यवस्था की संभावना देख रहे हैं.

उन्होंने कहा, "आज हमें यह उम्मीद है कि यह बहस आगे चलकर एक व्यापक सम्मेलन का रूप लेगी और सीरिया का रूपांतरण एक ऐसे बहुसंख्यक और लोकतांत्रिक राष्ट्र के रूप में होगा, जहां सभी नागरिक समान होंगे"

सरकारी मीडिया की रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि सत्ताधारी बाथ पार्टी के सदस्यों और सरकार विरोधियों के साथ कई शिक्षाविद, युवा कार्यकर्ता और कलाकार भी इस बैठक में शामिल हैं.

बैठक का बहिष्कार

ख़बरें हैं कि सीरिया के भीतर और बाहर रहने वाले प्रमुख विपक्षी नेताओं और विरोध प्रदर्शन अभियान के आयोजकों ने बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया.

सीरियाई मानवाधिकार लीग के प्रमुख अब्दुल करीम रेहावी ने बीबीसी को बताया कि ऐसे वक्त सरकार से बात करना निरर्थक है जबकि भारी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर मारे जा रहे हैं.

उन्होंने कहा, "ऐसे हालात में कौन बैठक में शामिल हो सकता है, जबकि शहरों को टैंकों ने घेर रखा है और सुरक्षबल कार्यकर्ताओं को उनके घरों से पकड़ रहे हैं. जब तक सरकार सड़कों पर लोगों को पकड़ कर मारना और प्रताड़ित करना बंद नहीं करेगी तब तक बैठक सफल नहीं हो सकती."

पिछले महीने राष्ट्रपति बशर अल असद ने इस राष्ट्रीय बहस की घोषणा करते हुए कहा था कि वह चाहते हैं कि इस राष्ट्रीय बहस में सीरियाई जनता की समस्याओं पर व्यापक विचार विमर्श हो.

लेकिन इस बैठक की विश्वसनीयता अभी से सवालों में घिरी दिखती है, क्योंकि बैठक की शुरुआत में ही कुछ प्रतिनिधियों ने प्रशासन की निंदा की है.

बैठक में पहले ही वक्ता ने ही सरकार से अपील की है कि वह प्रदर्शनकारियों पर फ़ायरिंग बंद करे.

मानवाधिकार गुटों के एक अनुमान के मुताबिक़ विरोध प्रदर्शनों के दौरान साढ़े तीन सौ सुरक्षाकर्मियों सहित 1750 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं, हालांकि सरकार ने इतने लोगों की मौत के लिए हथियारबंद गुटों को ज़िम्मेदार ठहराया है.

सार्वजनिक तौर पर सीरिया सरकार ये दावा कर रही है कि इस बैठक में विरोधियों की मांगों पर विचार किया जा रहा है.

लेकिन विपक्ष को यह भरोसा नहीं कि सीरिया की सत्ता पर काबिज़ लोग एक बहुसंख्यक समाज के हाथों इतनी आसानी से सत्ता सौंप देंगे.

संबंधित समाचार