सौदा मुश्किल हुआ मर्डोक के लिए

इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption मर्डोक अपनी कंपनी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रेबेका ब्रुक्स के साथ लंदन में

रूपर्ट मर्डोक के ब्रितानी कंपनी बीस्काईबी को ख़रीदने की संभावना पर सवालिया निशान लग गए हैं.

फ़ोन हैकिंग मामले के तूल पकड़ने के बाद रुपर्ट मर्डोक ने अपना 168 साल पुराना अख़बार 'न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड' रविवार से बंद कर दिया लेकिन विवाद अभी शांत होता नहीं दिख रहा है.

ब्रिटेन के उप-प्रधानमंत्री निक क्लेग ने कहा है कि मर्डोक को बीस्काईबी के अधिग्रहण पर दोबारा विचार करना चाहिए, इस बीच ब्रिटेन में संस्कृति और मीडिया मामलों के प्रभारी मंत्री ने कहा है कि वे इस सिलसिले में नए सिरे से मीडिया नियामक संस्था ऑफ़कॉम की सलाह ले रहे हैं.

बीस्काईबी ब्रिटेन की सबसे मीडिया कंपनी है जो स्काई न्यूज़, स्काई स्पोर्ट्स और स्काई इंटरटेनमेंट जैसे बीसियों चैनल चलाती है.

मीडिया और संस्कृति मंत्री जर्मी हंट ने कहा है कि नई परिस्थितियों में रुपर्ट मर्डोक की ब्रितानी कंपनी न्यूज़ इंटरनेशनल को बीस्काईबी का स्वामित्व दिया जाना सही होगा या नहीं, इस पर नियामक संस्था से राय माँगी गई है.

मर्डोक की कंपनी ग़ैर क़ानूनी ढंग से लोगों के मोबाइल फोन हैक करने के मामले गंभीर आरोप झेल रही है, न्यूज़ इंटरनेशनल ने प्राइवेट जासूसों की मदद से जिन लोगों के फ़ोन हैक किए उनमें प्रिंस विलियम से लेकर अनेक नामी-गिरामी फ़िल्म स्टार और फुटबॉल खिलाड़ी शामिल हैं.

ऐसी ख़बरें भी आई हैं कि राज परिवार के सदस्यों के फ़ोन नंबर और अन्य गोपनीय जानकारियाँ देने के लिए 2007 में मर्डोक के अख़बार न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड के पत्रकारों ने मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अधिकारियों को रिश्वत दी थी.

'पुनर्विचार ज़रूरी'

उप प्रधानमंत्री निक क्लेग ने कहा, "वे देखें कि लोग कितना बुरा महसूस कर रहे हैं. उन्हें उचित निर्णय लेना चाहिए, मेरी राय में उन्हें बीस्काईबी ख़रीदने के बारे में पुनर्विचार करना चाहिए".

इससे पहले न्यूज़ इंटरनेशनल को बीस्काईबी का अधिग्रहण करने के लिए हरी झंडी मिल गई थी लेकिन मीडिया मामलों के मंत्री का कहना है कि नई जानकारियाँ सामने आने के बाद इस मामले पर नए सिरे से विचार करना ज़रूरी हो गया है.

इस पूरे विवाद की वजह से बीस्काईबी के शेयरों की क़ीमत काफ़ी गिर गई है और लोगों को आशंका होने लगी है कि मर्डोक उस कंपनी को नहीं ख़रीद पाएँगे.

यह मामला 2007 में शुरू हुआ था, लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने माना है कि उससे ग़लतियाँ हुई जिसके लिए उसने माफ़ी माँगी है.

यह विवाद तब चरम पर पहुँच गया जब ये जानकारी सामने आई कि पत्रकार उस लापता लड़की के मोबाइल मैसेज भी सुन रहे थे जिसकी हत्या कर दी गई थी.

बीबीसी संवाददाता का कहना है आम जनता में इतनी नाराज़गी है कि सरकार मर्डोक को बीस्काईबी का नियंत्रण देने से हिचक रही है, मगर क़ानूनन मर्डोक को ऐसा करने से रोकना सरकार के लिए एक मुश्किल काम होगा.

संबंधित समाचार