असांज के प्रत्यर्पण आदेश को चुनौती

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Image caption लंदन में रॉयल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस के बाहर असांज के समर्थन में खड़े लोग

विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज के वकीलों ने ब्रिटेन की एक अदालत से माँग की है कि असांज को यौन दुर्व्यवहार मामलों में स्वीडन प्रत्यर्पित किए जाने के फ़ैसले पर रोक लगाई जाए.

वकील फ़रवरी में ब्रिटेन की बेलमार्श मैजिस्ट्रेट अदालत के इस फ़ैसले को चुनौती दे रहे हैं कि असांज के प्रत्यर्पण से उनके मानवाधिकार का उल्लंघन नहीं होगा.

स्थानीय अदालत ने ये फ़ैसला दिया था कि असांज को अगर स्वीडन प्रत्यर्पित किया जाता है तो उनकी सुनवाई निष्पक्ष तरीक़े से होगी

असांज पर स्वीडन में यौन दुर्व्यवहार के तीन आरोप लगाए गए हैं जिनमें एक आरोप कथित बलात्कार का भी है.

स्वीडन पुलिस ने उनके ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी किया हुआ है.

40 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई नागरिक असांज अपने को निर्दोष बताते हैं और कहते हैं कि उनपर लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित हैं.

उनका कहना है कि विकीलीक्स पर पिछले साल अमरीकी राजनयिकों की बातचीत के हज़ारों गोपनीय दस्तावेज़ों के लीक करने के कारण ही उन्हें निशाना बनाया जा रहा है.

प्रत्यर्पण

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Image caption लंदन में अदालत में अपनी अपील पर सुनवाई के लिए जाते हुए जूलियन असांज

असांज के वकीलों का कहना है कि उनके मुवक्किल पर लगाए गए आरोप प्रत्यर्पण की श्रेणी में नहीं आते और उन्हें स्वीडन भेजे जाने से उनके मानवाधिकार का उल्लंघन होगा.

असांज को ये डर है कि उन्हें स्वीडन भेजे जाने से अंततः उन्हें अमरीका भेजा जा सकता है जहाँ उनपर विकीलीक्स से जुड़े हुए दूसरे आरोप लगाए गए हैं जिनके लिए उन्हें मौत की सज़ा तक हो सकती है.

ब्रिटिश हाईकोर्ट में असांज की अपील पर सुनवाई बुधवार तक जारी रह सकती है.

ऐसा भी समझा जा रहा है कि सुनवाई के बाद अदालत अपना फ़ैसला सुरक्षित रखेगी और इस कारण फ़ैसला सामने आने में कई दिन या हफ़्ते लग सकते हैं.

असांज के वकीलों ने ऐसे संकेत दिए हैं कि यदि हाईकोर्ट में उनकी अपील नामंज़ूर होती है तो वे सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएँगे.

जूलियन असांज को पिछले साल ब्रिटेन में स्वीडन पुलिस के वारंट के बाद गिरफ़्तार किया गया था.

दिसंबर में उन्हें ज़मानत मिली और उसके बाद से वे ब्रिटेन में नॉरफ़ोक फ़ार्महाउस में 10 कमरों वाले एक घर में रहते हैं.

ज़मानत की शर्तों के तहत उन्हें एक इलेक्ट्रॉनिक पट्टा पहनना होता है और रोज़ नज़दीक के पुलिस स्टेशन पर हाज़िरी देनी होती है.

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