लीबिया पर विदेश मंत्रियों की बैठक

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Image caption फ़्रांस ने संकेत दिए हैं कि गद्दाफ़ी सत्ता छोड़ने को तैयार हैं

नैटो और अरब लीग के सदस्य देशों के विदेशमंत्री शुक्रवार को तुर्की में एक बैठक कर रहे हैं.

इसमें अमरीकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन और ब्रितानी विदेश मंत्री विलियम हेग सहित 15 विदेश मंत्री शामिल होंगे.

इस बैठक में लीबिया में कर्लन मुआमार गद्दाफ़ी की सेना पर जारी हवाई हमलों पर चर्चा होनी है.

इसमें लीबिया में संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत अब्दुल इलाह अल-ख़ातिब की रिपोर्ट पर भी चर्चा की जाएगी.

'गद्दाफ़ी के बाद'

संयुक्त राष्ट्र के दूत ने त्रिपाली में लीबिया की सरकार से हुई अपनी चर्चा और बेनगाज़ी में विद्रोहियों की ओर से गठित अंतरिम सरकार से हुई अपनी चर्चा के आधार पर तैयार की है.

कहा जा रहा है कि विदेश मंत्री अपनी बैठक में कर्नल गद्दाफ़ी के बाद देश के भविष्य के विषय में भी चर्चा करेंगे.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "उन्हें (गद्दाफ़ी को) जाना ही है और ये बैठक संक्रमण काल की तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए उपयोगी हो सकती है."

कहा जा रहा है कि इसमें विद्रोहियों की लोकतंत्र की स्थापना की तैयारियों का जायज़ा भी लिया जाएगा.

इस बीच फ़्रांस, इटली, क़तर और तुर्की विद्रोहियों की अंतरिम सरकार को जनता की वास्तविक सरकार होने के रुप में मान्यता दे चुके हैं.

बीबीसी के संवाददाता का कहना है कि ये बैठक ऐसे समय में हो रही है जब नैटो कुछ सदस्य देश लीबिया में हमले जारी रखने के मामले को लेकर असुविधाजनक स्थिति में हैं और उनकी असहजता लगातार बढ़ रही है.

उम्मीद की जा रही है कि तुर्की युद्ध विराम के तरीके़ तलाश करने की कोशिश करेगा जिससे कि लीबिया की समस्या का राजनीतिक हल निकालने की कोशिशें शुरु की जाएँ.

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