इतिहास के पन्ने से

18 जुलाई 2003 को ब्रितानी वैज्ञानिक डेविड केली का शव बरामद हुआ था. इसी दिन आयरलैंड में क़दियों की भूख हड़ताल के दौरान हिंसा हुई थी.

2003: लापता डॉक्टर केली मृत पाए गए

Image caption डॉक्टर केली ने इस बात से इनकार किया था कि एंड्र्यू गिलियन की रिपोर्ट के वो मुख्य स्रोत थे

18 जुलाई 2003 को सरकारी वैज्ञानिक डॉक्टर डेविड केली का शव उनके ऑक्सफ़ोर्डशायर के घर के नज़दीक जंगल में पाया गया था.

डॉक्टर केली के परिवार ने पुलिस को जो जानकारी दी थी उसके मुताबिक़ डॉक्टर केली पिछली रात से लापता थे.

डॉक्टर केली इराक़ के ख़िलाफ़ लड़ाई से संबंधित खुफ़िया रिपोर्टों को लेकर ब्रिटेन की सरकार और बीबीसी के बीच विवाद के केंद्र में थे.

विवाद की वजह थी बीबीसी रेडियो फ़ोर पर प्रसारित पत्रकार एंड्र्यू गिलियन की एक रिपोर्ट जिसमें कहा गया था कि ब्रिटीश सरकार ने इराक़ के ख़िलाफ़ लड़ाई को लेकर जनता का और ज़्यादा समर्थन हासिल करने के लिए इराक़ से जुड़ी जानकारियां बढ़ा-चढ़ाकर पेश की थीं.

गिलियन ने सरकार पर डॉसियर में ये जानकारी अलग से डालने का आरोप लगाया था कि सद्दाम हुसैन 45 मिनट के भीतर महाविनाश के हथियार बनाने में सक्षम हैं.

हथियार नियंत्रण विशेषज्ञ और इराक़ में 1991 से 1998 के बीच हथियारों की जांच का काम देख चुके डॉक्टर केली ने विदेश मंत्रालय की एक समिति को बताया था कि उन्होंने एंड्र्यू गिलियन से बात की है लेकिन जो जानकारी उन्होंने रेडियो पर दी है उसके वो मुख्य स्रोत नहीं थे.

इस प्रकरण के बाद 17 जुलाई को डॉक्टर केली अपने घर से टहलने के लिए निकले थे और उसी दिन उनके परिवार ने उनके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

ब्रिटने की सरकार ने डॉक्टर केली की संदेहास्पद स्थितियों में हुई मौत की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए थे.

1981: आयरलैंड में भूख हड़ताल के दौरान हिंसा

Image caption पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की झड़प हुई थी. ज़ख्मी होनेवालों में ज़्यादातर पुलिसकर्मी थे.

18 जुलाई 1981 को आयरलैंड में प्रदर्शनकारियों के हिंसक होने से क़रीब 200 लोग ज़ख्मी हो गए थे.

इलाज के लिए उन्हें डब्लिन के अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

क़रीब 10,000 लोग उत्तरी आयरलैंड की मेज़ जेल में भूख हड़ताल कर रहे रिपब्लिकन क़ैदियों के समर्थन में सड़कों पर उतर आए थे.

बेलफ़ास्ट जेल में आईआरए के क़ैदी जिन्हें एच ब्लॉक्स भी कहा जाता था, वे भी ब्रिटेन की सरकार पर उनकी मांगों पर अमल करने का वादा पूरा न करने का आरोप लगाते हुए मार्च से भूख हड़ताल पर थे.

इन्हीं हड़ताली क़ैदियों के समर्थन में उतरे प्रदर्शनकारियों में से क़रीब पांच सौ लोगों की ब्रितानी दूतावास के सामने पुलिसकर्मियों के साथ झड़प हो गई थी.

हिंसा में ज़ख़्मी हुए ज़्यादातर लोग पुलिसकर्मी थे.

1990: दो ब्रितानी लड़कियां थाईलैंड में पकड़ी गईं

Image caption बैंकॉक में गिरफ़्तार की गई ब्रितानी लड़कियों ने कहा था कि उन्हें नशीले पदार्थों के बारे में कोई जानकारी नहीं

इसी दिन दो ब्रितानी लड़कियों को नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोप में थाईलैंड में गिरफ़्तार किया गया था.

17 वर्षीय पैट्रिशिया केहिल और 18 वर्षीय करेन स्मिथ को ऐम्सटर्डम जानेवाले विमान पर सवार होने से पहले कस्टम अधिकारियों ने बैंकॉक हवाई अड्डे पर रोक लिया था.

उनके पास से 32 ग्राम हेरोइन पाउडर बरामद किया गया था जो उन्होंने शैंपू की बोतल, कॉफ़ी और बिस्कुट के डब्बे में छिपा रखी थी.

बरामद हेरोइन की क़ीमत 40 लाख पाउंड आंकी गई थी.

हालांकि गिरफ़्तार लड़कियों का कहना था कि उन्हें डब्बे किसी तीसरे व्यक्ति ने दिए थे और उन्हें नहीं पता था कि उनके भीतर क्या रखा है.

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