इतिहास के पन्नों से

19 जुलाई की तारीख़ इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है. इसी दिन 1997 में आयरिश रिपब्लिकन आर्मी यानी आईआरए ने युद्ध विराम की घोषणा की. सर्बियाई नेता और युद्ध अपराध के दोषी कराजिच ने इस्तीफ़ा दिया और दक्षिण कोरिया के पहले राष्ट्रपति की निर्वासन में मौत हो गई.

1997: आईआरए ने युद्धविराम की घोषणा की

Image caption शांति के माहौल में खेलते बच्चे

19 जुलाई 1997 को आयरिश रिपब्लिकन आर्मी ने तीन सालों में दूसरी बार युद्धविराम की घोषणा की जो 20 जुलाई की दोपहर से लागू होनी थी.

इस घोषणा के बाद रिपब्लिकन राजनीतिक दल सिन फ़ेन ने भी आईआरए के युद्धविराम का समर्थन किया, लेकिन जिस तरह की प्रतिक्रिया हुई उससे राजनेता हैरान रह गए.

उत्तरी आयरलैंड के मंत्री मो मावलैम को अगले छह हफ़्ते तक आईआरए की गतिविधियों पर नज़र रखनी थी उसके बाद ये फ़ैसला लिया जाना था कि सिन फ़ेन को 15 सितंबर के लिए निर्धारित सर्वदलीय वार्ता में शामिल करना है या नहीं.

सिन फ़ेन के अध्यक्ष जेरी एडम्स ने कहा था कि ब्रिटेन और आयरिश गणराज्य की सरकारों द्वारा शांतिवार्ता में सभी पक्षों को शामिल करने की प्रतिबद्धता की वजह से ही वो युद्धविराम का समर्थन करते हैं.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने 16 मई को नई सरकार के प्रमुख के रूप में बेलफ़ास्ट में दिए भाषण में अपना संकल्प दोहराया था.

उसी साल जून में संसद में दिए भाषण में उन्होंने सर्वदलीय वार्ता में सिन फ़ेन को शामिल करने की बात कही थी.

उन्होंने कहा था कि युद्धविराम की घोषणा के छह हफ़्तों के भीतर शांतिवार्ता पूरी कर ली जाएगी.

1996: युद्ध अपराधी कराद्ज़िक का इस्तीफ़ा

Image caption रादोवान कराद्ज़िक नरसंहार और मानवता के विरूद्ध अपराध के मामले में वांछित थे

19 जुलाई 1996 को बोस्नियाई सर्ब नेता रादोवान कराजिच पद छोड़ने और राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से अलग होने पर सहमत हो गए थे.

संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत रिचर्ड हॉलब्रुक से हुई बातचीत के बाद यूगोस्लाविया के राष्ट्रपति स्लोबोदान मिलोसेविच ने कराजिच को पद छोड़ने का आदेश दिया था.

उसके बाद अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय ने कराजिच के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी का वॉरंट जारी किया और फिर वो फ़रार हो गए थे.

पिछले साल कराजिच और उनके सेना प्रमुख रात्को म्लादिच के ख़िलाफ़ जनसंहार और मानवता के ख़िलाफ़ अन्य अपराधों का अभियोग लगाया गया था.

कराजिच के इस्तीफ़ा देने से लगातार इनकार करने के चलते युद्ध के बाद 14 सितंबर को हो रहा पहला आम चुनाव मुश्किल में पड़ गया था.

डेटन शांति संधि की शर्तों के मुताबिक़ दोषी ठहराए गए युद्ध अपराधी सार्वजनिक पदों के लिए खड़े नहीं हो सकते थे.

डेटन संधि के ज़रिए ही पूर्व यूगोस्लाविया में लड़ाई का अंत हुआ था.

1965: दक्षिण कोरिया के पहले राष्ट्रपति का निर्वासन के दौरान निधन

Image caption सिंगमन री को अपने कार्यकाल के दौरान काफ़ी समय तक अमरीका का समर्थन हासिल था

दक्षिण कोरियाई गणराज्य के पूर्व नेता सिंगमन री का 90 वर्ष की आयु में अमरीका के हवाई राज्य में निर्वासन के दौरान निधन हो गया था.

सिंगमन री 1948 में संसद के 196 में से 180 मत हासिल कर दक्षिण कोरिया के पहले राष्ट्रपति बने थे.

उन्होंने 1904 में कोरिया छोड़ने के बाद अपना ज़्यादा समय अमरीका में बिताया था.

वो थोड़े समय के लिए 1910 में कोरिया गए थे जब वहां जापान का शासन था. लेकिन नए नेतृत्व के साथ झगड़े के बाद उन्होंने देश छोड़ दिया था और निर्वासन में ही एक कोरियाई सरकार का नेतृत्व करते रहे थे.

दूसरे विश्वयुद्ध में जापान की हार और कोरिया पर अमरीकी और रूसी फ़ौज के कब्ज़े के बाद सिंगमन री स्वदेश लौटे थे.

1948 में देश का विभाजन हुआ और सिंगमन री दक्षिण कोरिया के मुख्य कम्युनिस्ट विरोधी राजनेता के रूप में उभरे.

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