इतिहास के पन्नों से

20 जुलाई का दिन इतिहास में कई घटनाओं के लिए महत्वपूर्ण है. इसी दिन जर्मनी के शासक हिटलर पर जानलेवा हमला हुआ था. सिरिमाओ भंडारनायके सीलॉन की प्रधानमंत्री चुनी गई थीं और तुर्की ने साइप्रस पर हमला कर दिया था.

1944: बाल-बाल बचे हिटलर

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Image caption हिटलर पर तीसरी बार जानलेवा हमला हुआ था

20 जुलाई 1944 को एडॉल्फ़ हिटलर पूर्वी प्रशिया के रास्टेनबर्ग स्थित अपने मुख्यालय में हुए बम विस्फोट में बाल-बाल बचे थे.

इस विस्फोट की ख़बर जर्मनी की न्यूज़ एजेंसी ने हिटलर के मुख्यालय से दी थी.

हिटलर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के स्थान पर बम प्लांट करने का आरोप कर्नल क्लॉस शेंक वॉन शॉउफ़ेनबर्ग नाम के एक वरिष्ठ अधिकारी पर लगा था.

इस धमाके में हिटलर मामूली रूप से ज़ख्मी हो गए थे. उन्हें सिर में चोट लगी थी और शरीर के कुछ हिस्से मामूली रूप से जल गए थे.

इसके बावजूद उन्होंने इटली के नेता बेनितो मुसोलिनी से मिलने का कार्यक्रम बरकरार रखा था.

हिटलर पर हुआ ये तीसरा जानलेवा हमला था.

1974: तुर्की का साइप्रस पर हमला

Image caption तुर्की के विमानों ने हमले के दौरान निकोसिया पर बमबारी की

इसी दिन 1974 में तुर्की के हज़ारों सैनिकों ने ग्रीस की राजधानी एथेंस में चल रही बातचीत के विफल रहने पर उत्तरी साइप्रस पर हमला कर दिया था.

भूमध्यसागरीय द्वीप साइप्रस में पांच दिन पहले ही हुए एक सैन्य विद्रोह में ग्रीक मूल के राष्ट्रपति आर्कबिशप मकारियोस को हटा दिया गया था.

इस सैन्य विद्रोह ने तुर्की मूल के साइप्रस वासियों में ये डर पैदा कर दिया था कि ग्रीस समर्थक वाले सैनिक शासक उनके अधिकारों की अवहेलना करेंगे और साइप्रस के ग्रीस के साथ विलय के लिए दबाव बनाएंगे.

तुर्की मूल के लोगों ने ये साफ़ कर दिया था कि वे उन पर थोपे गए नवनियुक्त नेता निकोस सैंपसन को हटाए जाने से कम कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे

1960: सिरिमाओ भंडारनायके सीलॉन की प्रधानमंत्री बनीं

Image caption सिरिमाओ भंडारनायके दुनिया की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी थीं

20 जुलाई को ही सन् 1960 में सीलॉन के लोगों ने दुनिया की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में सिरिमाओ भंडारनायके को चुना था.

सिरिमाओ भंडारनायके सीलॉन के मारे गए प्रधानमंत्री सोलोमन भंडारनायके की पत्नी थीं.

उनकी श्रीलंका फ़्रीडम पार्टी ने आम चुनाव में अच्छी क़ामयाबी हासिल करते हुए 150 में से 75 सीटें जीत ली थीं.

सिरिमाओ भंडारनायके के पति सोलोमन भंडारनायके की एक बौद्ध चरमपंथी ने 26 सितंबर 1959 को गोली मारकर हत्या कर दी थी. उसके बाद ही वो राजनीति में आई थीं.

चुनाव प्रचार के दौरान बार-बार फूट-फूट कर रोने की वजह से उन्हें ''वीपिंग विडो'' यानि रोने वाली बेवा का नाम दिया गया था.

चुनाव प्रचार में वो जनता के बीच अपने दिवंगत पति की सामाजिक नीतियों को जारी रखने का संकल्प दोहराती थीं.

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