फ़ोन हैकिंग को उजागर करने वाले पत्रकार की मौत

सीन होएर (फ़ाईल फ़ोटो)
Image caption सीन होएर की मौत ने फ़ोन हैकिंग विवाद को और गहरा दिया है.

'न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड' के पूर्व पत्रकार और फ़ोन हैकिंग मामले को उजागर करने वाले शॉन होर की मौत हो गई है.

शॉन होर ने ही सबसे पहले ये आरोप लगाया था कि 'न्यूज़ आफ़ द वर्ल्ड' अख़बार के पत्रकार ग़ैर-क़ानूनी तरीक़े से लोगों के फ़ोन हैक कर रहे हैं.

होर ने 'न्यूयॉर्क टाइम्स' अख़बार से कहा था कि फ़ोन हैकिंग का मामला उससे बहुत ज़्यादा गहरा है जितना कि फ़ोन हैकिंग करने वाले अख़बार 'न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड' का प्रबंधन स्वीकार कर रहा है जब पुलिस ने पहली बार फ़ोन हैकिंग मामले की जाँच शुरू की.

हर्टफ़र्डशर पुलिस ने कहा कि सोमवार की सुबह वाटफ़र्ड में लैंगले रोड स्थित एक घर में एक आदमी का शव पाया गया था. बाद में पता चला कि शव शॉन होर का था.

पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि फ़िलहाल पुलिस इसे अस्पष्ट मामला मान रही है लेकिन अभी शॉन होर की मौत को संदेहास्पद नहीं मान रही है.

पुलिस प्रवक्ता ने कहा, ''सोमवार की सुबह 10 बजकर 40 मिनट पर पुलिस को लैंगले रोड स्थित एक घर में रहने वाले एक आदमी के बारे में सूचना दी गई. पुलिस और एंबुलेंस के पहुंचते ही एक आदमी का शव पाया गया. पुलिस को अभी तक मौत का कारण नहीं पता चल पाया है लेकिन अभी इसे संदेहास्पद मौत नहीं माना जा रहा है. इस मामले में पुलिस की जांच जारी है.''

शॉन होर ने बीबीसी के पैनोरमा कार्यक्रम में कहा था कि 'न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड' अख़बार में फ़ोन हैकिंग 'एन्डेमिक' था और उस समय के संपादक एंडी कॉलसन ने ख़ुद उन्हें फ़ोन हैक करने को कहा था.

हालँकि एंडी कॉलसन ने इस बात से इनकार किया है.

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