नोट के बदले वोट: अमर सिंह से पूछताछ

अमर सिंह
Image caption अमर सिंह ने इस पूरे प्रकरण में अपनी भूमिका से इनकार किया है

दिल्ली पुलिस की क्राईम ब्रांच ने राज्य सभा सांसद और पूर्व समाजवादी पार्टी नेता अमर सिंह से नोट के बदले वोट मामले में क़रीब तीन घंटे तक पूछताछ की है.

आमतौर पर मीडिया से लंबी बातचीत करने वाले अमर सिंह राजधानी दिल्ली के चाणक्यपुरी थाने में चली इस पूछताछ के बाद मीडिया से बचते बचाते वापस चले गए.

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के अधिकारियों ने अमर सिंह से साल 2008 के विश्वास मत प्रस्ताव के दौरान तीन सांसदों को कथित तौर पर रिश्वत देने के संबंध में पूछताछ की.

लोकसभा में 22 जुलाई 2008 को विश्वास मत प्रस्ताव से ठीक पहले तीन सांसदों ने सदन में ही नोटों की गड्डियां लहराई थी और कहा था कि उन्हें अपना वोट सरकार के पक्ष में देने के लिए रिश्वत देने का प्रयास किया गया था .

जबकि नोट के बदले वोट मामले में ही दो अन्य आरोपियों सुहैल हिंदुस्तानी और संजीव सक्सेना को दिल्ली पुलिस कोर्ट में पेश करने वाली है.

इन दोनों व्यक्तियों ने पुलिस से हुई पूछताछ के दौरान कथित तौर पर अमर सिंह का नाम लिया है. हालांकि अमर सिंह ने इन सभी आरोपों का खंडन किया है.

नोट के बदले वोट

अमर सिंह को पूछताछ के लिए बुलाने का फैसला सुहैल हिंदुस्तानी की गिरफ्तारी के बाद हुआ है.

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Image caption भाजपा सांसदों ने संसद में नोट की गड्डियाँ दिखाते हुए कहा था कि उन्हें ये रुपए सरकार को बचाने के लिए दिए गए

सुहैल हिंदुस्तानी ने कथित तौर पर अमर सिंह और बीजेपी सांसदों के बीच संपर्ककर्ता की भूमिका निभाई थी.

अमर सिंह के अलावा इस मामले में समाजवादी पार्टी के सांसद रेवती रमन सिंह और बीजेपी सांसद अशोक अर्गल से भी पूछताछ की संभावना है.

इसी मामले में बीजेपी नेता लाल कृष्ण आडवाणी के पूर्व सहयोगी सुधींद्र कुलकर्णी से भी पूछताछ हो सकती है.

2008 में हुए ‘वोट के बदले नोट’ मामले में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट ने अपर्याप्त बताया था और पुलिस को कड़ी फटकार लगाई थी.

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के रवैये को ‘संवेदनहीन’ बताते हुए सवाल किया था कि इस मामले से जुड़े लोगों की हिरासत में हुई पूछताछ के बिना उन्होंने अपनी रिपोर्ट कैसे दायर की.

जिन तीन भाजपा सांसदों ने कांग्रेस पर ये आरोप लगाए थे, वे थे अशोक अर्गल, फ़ग्गन सिंह कुलस्ते और महावीर भगोड़ा.

पूर्व चुनाव आयुक्त जेएम लिंगदोह ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की थी कि इस घोटाले में शामिल नेताओं के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाए.

जैसे ही ये मामला कोर्ट में सुनवाई के लिए आया, न्यायधीशों ने दिल्ली पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट पर आश्चर्य ज़ाहिर किया.

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