मृतकों की संख्या 92, संदिग्ध गिरफ़्तार

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नॉर्वे में पुलिस ने 32 वर्ष के एक युवक पर शुक्रवार को हुए उन दो हमलों के लिए आतंकवाद से जुड़े आरोप लगाए हैं जिनमें कम-से-कम 92 लोगों की मौत हो चुकी है.

इस संदिग्ध हमलावर का नाम ऐंडर्स बेहरिंग ब्रेविक बताया गया है. उसे नॉर्वे की राजधानी ओस्लो से 35 किलोमीटर दूर उटोया द्वीप पर गिरफ़्तार किया गया था.

इस द्वीप पर सत्ताधारी लेबर पार्टी के एक युवा शिविर के दौरान पुलिस वर्दी पहने हुए एक बंदूकधारी के अंधाधुंध गोलीबारी करने से 85 लोगों की मौत हो गई थी जिनमें अधिकतर युवा थे.

इस गोलीबारी से कोई दो घंटे पहले राजधानी ओस्लो में प्रधानमंत्री कार्यालय के पास एक शक्तिशाली बम धमाका हुआ था जिससे सात लोगों की जान चली गई थी.

नॉर्वे के प्रधानमंत्री येन्स स्टोल्टेनबर्ग ने नॉर्वे के राजा के साथ पीड़ितों के परिवारों से मिलकर संवेदना प्रकट की है और साथ ही चेतावनी दी है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है.

राजधानी ओस्लो और उटोया द्वीप पर सुरक्षा काफ़ी कड़ी कर दी गई है. पुलिस द्वीप के आस-पास ज़मीन और पानी में तलाश कर रही है. उनका कहना है कि उन्हें कई हताहत मिले हैं.

नॉर्वे हमलों की व्यापक निंदा

निन्दा

नॉर्वे के प्रधानमंत्री येन्स स्टोलटेनबर्ग ने इन हमलों को 'एक बेहद बुरा स्वप्न बताया है'.

ओस्लो में हुए धमाके के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि इस हमले में कई सरकारी अधिकारियों की मौत हो गई है जिनमें कुछ उनके जाननेवाले भी थे.

उन्होंने कहा कि नॉर्वे का समाज वैचारिक रुप से उदार है और इस तरह के हमले समाज के इस प्रारुप को बदल नहीं पाएंगे.

उन्होंने साथ ही कहा है कि अभी हमलों के बारे में कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए.

प्रधानमंत्री स्टोल्टेनबर्ग ने कहा,"दूसरे देशों की तुलना में मैं ये नहीं कहूँगा कि नॉर्वे में दक्षिण पंथी अतिवादियों की समस्या एक बड़ी समस्या रही है. मगर हमारे यहाँ ऐसे गुट हैं, हमने पहले भी उनपर नज़र रखी है. मगर मैं कहना चाहूँगा कि अभी हम कुछ भी अटकलें नहीं लगाएँगे, हम इन हमलों के बारे में कुछ कहने से पहले पुलिस जाँच के पूरी होने की प्रतीक्षा करेंगे."

तस्वीरों में: ओस्लो में धमाका

हमलावर

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Image caption पकड़ा गया संदिग्ध हमलावर ख़ुद को रूढ़िवादी ईसाई बताता है

उटोया द्वीप पर हुए हमले को देखनेवाले प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया है कि हमलावर ने पुलिस वर्दी पहनी हुई थी और उसने बिना कुछ सोचे हुए लोगों पर गोली चलानी शुरू कर दी.

युवा शिविर में भाग ले रही एक युवती हाना बारज़िंगी ने कहा,"वो लोगों की ओर आया, फिर कहा सबलोग साथ आ जाओ, तो लोग उसकी तरफ़ दौड़े, और उसने गोली चलानी शुरू कर दी, वो बस सबको मार रहा था, ये एक डरावने सपने की तरह लग रहा है."

लेबर पार्टी के शिविर के लिए गईं एक सांसद स्टाइन रेनेट हेहेइम को भी जान बचाने के लिए भागना पड़ा.

उन्होंने बताया,"हम इमारत के भीतर थे, पहले हमें कुछ दिखाई नहीं दिया, हमें केवल गोलीबारी की आवाज़ सुनाई दी, हम मुख्य इमारत में थे, लोग भागने लगे, तो हम भी बाहर निकले, फिर किसी ने कहा, पुलिस आ गई है, अब हम सुरक्षित हैं, और तब मैंने पुलिस वर्दी में एक आदमी को देखा जो लोगों की ओर आ रहा था, और उसने गोली चलानी शुरू कर दी, तब मैं जिनलोगों के साथ थी, हम सब उल्टे पाँव भागे, जैसे ही हमने कुछ नावों को देखा हम पानी में कूद गए और तैरते रहे."

नॉर्वे के स्थानीय टीवी चैनल एनआरके के एक पत्रकार ने बताया कि हमलावर एक मोटरबोट से द्वीप पर आया था उसने वहाँ आकर ख़ुद को पुलिस अधिकारी बताया और कहा कि ओस्लो में जो धमाका हुआ है वो उस बारे में कुछ जानकारियाँ लेने आया है.

हमलावर होने के संदेह में गिरफ़्तार एंडर्स बेरिंग ब्रेविख अपने आपको एक ईसाई और रूढ़िवादी व्यक्ति बताया है.

इंटरनेट पर अपने बारे में उसने जो लिखा है उससे लगता है कि वो वैचारिक रूप से रूढ़िवादी और मुस्लिम व्यक्ति है. ब्रे

खाद सप्लाई करनेवाली एक कंपनी ने कहा है कि ब्रेविख ने मई में उनसे छह टन उर्वरक ख़रीदा था.

ऐसा समझा जा रहा है कि ओस्लो में हुए धमाके में उर्वरक रसायनों का इस्तेमाल किया गया था.

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Image caption ओस्लो से 35 किलोमीटर दूर इसी द्वीप पर युवाओं के शिविर के दौरान गोलीबारी हुई

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