प्रदर्शनकारी फिर तहरीर चौक पर

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शनिवार की रात काहिरा में हुई हिंसक झड़प के बाद सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी वापस तहरीर चौक पर लौट आए हैं.

ये लोग सैन्य काउंसिल के काम के तौर तरीक़ों से नाराज़ हैं.

इस समय मिस्र में सैन्य काउंसिल का शासन है जिसका गठन मुबारक़ के सत्ता छोड़ने के बाद किया गया था.

पिछले कुछ समय में लोग सैन्य काउंसिल के फ़ैसलों से भी नाराज़ हो गए हैं.

स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि रक्षा मंत्रालय के बाहर हुई झड़प में 308 लोग घायल हो गए हैं.

प्रदर्शन

ये घटना उस समय हुई जब प्रदर्शनकारी सत्ताधारी सैन्य काउंसिल के मुख्य कार्यालय के बाहर मार्च कर रहे थे.

इन प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सेना ने वाहनों और काँटेदार तारों से अवरोध लगाए थे.

वहीं इस भीड़ में सादे लिबास में लोग भी थे, जिन्होंने प्रदर्शनकारियों पर पत्थर और आग लगाने वाले बम फेंकें.

वहीं इनमें से कुछ लोग प्रदर्शकारियों के झुंड़ में हाथ में चाकू और डंडों के साथ प्रवेश कर गए.

लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सेना ने ही सादे लिबाज़ में इन लोगो को भाड़े पर लिया था ताकि उन्हें डराया जा सके.

इस बीच नोबल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद अल बारादेई ने ये आग्रह किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगो के ख़िलाफ़ हिंसात्मक कार्रवाई ख़त्म होनी चाहिए.

होस्नी मुबारक के पद से हटने के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है कि ये प्रदर्शनकारी सत्ताधारी सैन्य काउंसिल को खुले तौर पर चुनौती दे रहे हों.

इससे पहले होस्नी मुबारक सरकार के ख़िलाफ़ तहरीर चौक पर व्यापक प्रदर्शन हुए थे.

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