ऋण संकट पर दोनों पार्टियाँ आमने सामने

Image caption ओबामा और बेनर ने इस मुद्दे पर अपनी पार्टी के विचार लोगों के सामने रखे.

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनके रिपब्लिकन विरोधी जॉन बेनर ने टेलीविज़न के ज़रिए अपनी नीतियाँ लोगों के सामने रखी हैं.

अमरीकी सीनेट की प्रतिनिधि सभा में दोनों नेताओं ने अपनी नीतियों का बचाव किया और एक दूसरे पर अमरीकी अर्थव्यवस्था को संकट में डालने का आरोप लगाया.

राष्ट्रपति ओबामा का कहना था कि अगर इस हफ्ते के अंत तक कर्ज़ के मामले में कोई समझौता नहीं होता है तो इससे अमरीकी अर्थव्यवस्था को बड़ा धक्का लगेगा.

अगर समझौता नहीं हुआ तो अमरीका अपने ऋण नहीं चुका सकेगा जिससे उसे काफी नुक़सान होगा. राष्ट्रपति ने रिपब्लिकन पार्टी पर आरोप लगाया कि वो टैक्स में आवश्यक बढ़ोत्तरी को नहीं मान रहे हैं और इस पर समझौता नहीं होने दे रहे हैं.

ओबामा के भाषण के कुछ ही मिनटों बाद प्रतिनिधि सभा के स्पीकर जॉन बेनर ने राष्ट्रपति पर आरोप लगाया कि वो एक कोरा चेक चाहते हैं जिस पर वो मनचाही टैक्स वृद्धि कर सकें.

बीबीसी के वॉशिंगटन संवाददाता का कहना है कि फिलहाल लगता नहीं कि दोनों पार्टियां किसी समझौते के लिए तैयार होंगी लेकिन प्रेक्षकों के अनुसार सप्ताह के अंत तक कोई न कोई रास्ता निकल जाएगा.

ऋण संकट

असल में अमरीका पर इस समय 14.3 खरब डॉलर का ऋण है. अमरीका चाहता है कि वो कर्ज़ लेने की सीमा को और बढ़ाए लेकिन इसके लिए सीनेट की रज़ामंदी चाहिए और वो भी दो अगस्त से पहले.

अमरीका का वार्षिक बजट घाटा डेढ़ खरब डॉलर है. ऋण संकट से निपटने के लिए कर्ज़ लेने की क्षमता बढ़ाने का काम अमरीकी सीनेट में रूटीन रहा है लेकिन इस बार रिपब्लिकन पार्टी कर्ज़ बढ़ाने के मुद्दे पर कड़ा रुख अपना रहे हैं.

रिपब्लिकन चाहते हैं कि सरकार टैक्स में कोई बढ़ोत्तरी न करे जबकि डेमोक्रेट पार्टी का मानना है कि ग़रीबों, बूढ़ों और अन्य लोगों के पेंशन योजना के लिए पैसा टैक्स बढ़ोतरी से उगाहा जाए.

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