ओबामा का दोनों दलों से आह्वान

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Image caption कर्ज़ संकट पर व्हाइट हाउस में विचार-विमर्श के बाद कक्ष से बाहर जाते ओबामा

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने चेतावनी दी है कि अगर राजनीतिक दलों ने देश के कर्ज़ संकट को निबटाने के उपाय के बारे में जल्दी समझौता नहीं किया तो सारे अमरीकी लोगों को इससे परेशान होना पड़ेगा.

उन्होंने अमरीकी लोगों से आग्रह किया कि वे राजनेताओं पर समय रहते अपने मतभेद दूर करने के लिए दबाव बढ़ाएँ.

ओबामा ने साथ ही चेतावनी दी है कि इस संकट के कारण अमरीका की साख पर असर पड़ सकता है और उसकी क्रेडिट रेटिंग गिर सकती है.

ओबामा ने इस बारे में दोनों पक्षों से समझौता कर किसी सुलह पर पहुँचने का आह्वान करते हुए कहा कि आपस में समझौता कर इस संकट को ख़त्म करने की कई संभावनाएँ हैं.

ओबामा ने कहा,"इस संकट से निकलने के कई रास्ते हैं, मगर हमारे पास समय लगभग ख़त्म हो रहा है.

"पार्टी को सबसे आगे रखने का समय ख़त्म हो गया है, ये समय अमरीकी जनता की ओर से समझौते करने का है."

ओबामा ने व्हाइट हाउस में समझौते करने का आग्रह करते हुए रिपब्लिकन सांसदों पर एक पक्षपातपूर्ण विधेयक के पीछे लगे रहने का आरोप लगाया.

अमरीकी कर्ज़ संकटः सवाल-जवाब

ज़ोर आज़माइश

अमरीका सरकार को दो अगस्त तक अपनी कर्ज़ लेने की सीमा को बढ़ाने और संघीय ख़र्चों में कटौती करने के बारे में कोई फ़ैसला करना है.

अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय ने चेतावनी दी है कि अगर दो अगस्त तक सरकार की कर्ज़ माँगने की सीमा को नहीं बढ़ाया गया तो सरकार सभी बिलों का भुगतान नहीं कर सकेगी.

इस बारे में किसी निर्णय तक पहुँचने के लिए अमरीकी कांग्रेस में ज़ोर-आज़माइश जारी है. कर्ज़ लेने की सीमा बढ़ाने के उपाय को लेकर रिपब्लिकन और डेमोक्रेट सांसदों में तो मतभेद है ही, इस मुद्दे पर स्वयं रिपब्लिकन पार्टी के भीतर दरार आ गई है.

अमरीका के रिपब्लिकन सांसद देश के कर्ज़ संकट को दूर करने के उपायों पर सहमति बनाने के लिए शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन प्रयास कर रहे हैं.

अमरीकी रिपब्लिकन नेताओं ने इस बारे में एक योजना बनाई थी जिसपर गुरूवार रात को मतदान होना था लेकिन इस योजना को उनकी अपनी ही पार्टी के सांसदों का समर्थन नहीं मिल पाने के कारण मतदान को टालना पड़ा.

वैसे बीबीसी के उत्तर अमरीका संपादक का कहना है कि निचले सदन हाउस ऑफ़ कॉमन्स में रिपब्लिकन सांसद अगर इस बारे में किसी योजना पर सहमत हो भी गए तो भी इस योजना के ऊपरी सदन सेनेट से पारित होने की संभावना बहुत कम है.

सेनेट में राष्ट्रपति ओबामा की पार्टी डेमोक्रेट पार्टी का बहुमत है जो सामाजिक कार्यक्रमों के लिए होनेवाले ख़र्चों में कोई कटौती नहीं करना चाहती.

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