इतिहास के पन्नों से

इतिहास में आज का दिन कई कारणों से याद किया जाएगा.आज ही के दिन दो सुपरपॉवर देशों ने परमाणु हथियारों को कम करने की संधि पर हस्ताक्षर किए तो वहीं ब्रिटेन ने बारुदी सुरंग के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया था.

परमाणु हथियारों कटौती की संधि पर हस्ताक्षर

Image caption इस संधि को लेकर सहमति बनने में नौ साल से ज्यादा समय लगा था

साल 1991 में आज ही के दिन अमरीका और सोवियत संघ ने एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे जिसमें परमाणु हथियारों के भंडार को एक तिहाई करने पर सहमति बनी थी.

इस संधि का नाम स्टार्ट दिया गया था.मॉस्कों में हुई इस संधि पर तत्त्कालिन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश और सोवियत नेता मिख़ाइल गोर्बाच्चोफ़ ने हस्ताक्षर किए थे.

इस संधि पर हस्ताक्षर करने के बाद दोनों नेताओं ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन किया था.

जॉर्ज बुश ने इस संधि को पिछले पचास सालों से फैले अविश्वास को ख़त्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया.

गोर्बाच्चोफ़ ने कहा कि हथियारों को कम करने की प्रक्रिया शुरु हो गई है लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर ये भी कहा कि अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है.

इस संधि पर सहमति होने में नौ साल से ज़्यादा समय लगा था.

मोस्ली की रैली में हिंसा

साल 1962 में इसी दिन पूर्व फ़ासिस्ट नेता सर ओसवल्ड मोस्ली पर लंदन में हुई एक रैली में हमला किया गया था.

जैसे ही उनके समूह सेमिटिक ब्लेकशर्ट ने बैठक शुरु कि उन्हें और उनके समूह पर हमला बोल दिया गया.

पुलिस को तीन मिनट के भीतर ही बैठक बंद करवानी पड़ी और इस सिलसिले में 54 लोगों को गिरफ़्तार किया गया जिसमें ओस्वल्ड के बेटे मैक्स भी शामिल थे.

ब्रिटेन ने बारुदी सुरंग पर प्रतिबंध लगाया

Image caption ब्रिटेन ने बारुदी सुरंग से ख़तरे दो देखते हुए उस पर प्रतिबंध लगाया था

साल 1998 में 31 जुलाई को ही ब्रितानी सरकार ने बारुदी सुरंगों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी.

जनता के भारी दबाव के बाद पिछले महीने यानी जून में संसद में लैंडमाइन एक्ट को पारित किया गया था लेकिन इस एक्ट में कुछ साधारण परिस्थियों में ब्रितानी सेनाओं को बारुदी सुरंग लगाने की इजाज़त थी.

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