पाकिस्तानी तालिबान पर पाबंदियाँ

पाकिस्तानी तालिबान
Image caption तालिबान ने कई हमलों की ज़िम्मेदारी ली है.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पाकिस्तानी तालिबान पर कड़ी पाबंदियाँ लगा दी हैं.

परिषद ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के नेताओं की यात्राओं पर पाबंदी लगाने के साथ साथ संगठन की परिसंपत्तियों और बैंक खातों को भी जाम करने का फ़ैसला किया है.

इसके अलावा संगठन को हथियार सप्लाई किए जाने पर भी पाबंदी लगा दी है.

पाकिस्तानी तालिबान को पिछले साल न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वेयर में एक बम विस्फोट की कोशिश के लिए ज़िम्मेदार माना जाता है.

सुरक्षा परिषद के इस फ़ैसले को अमरीका और ब्रिटेन के अलावा पाकिस्तान की सरकार की ओर से भी समर्थन मिला.

संकल्प

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Image caption क़बायली इलाक़े में मज़बूत है तालिबान.

संयुक्त राष्ट्र में ब्रिटेन के राजदूत मार्क लायल ग्रांट ने कहा है कि इन पाबंदियों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध के संकल्प को मज़बूती मिलेगी.

पाकिस्तानी तालिबान का गठन 2007 में कई चरमपंथी संगठनों को एकजुट करके किया गया था.

इसके मौजूदा नेता हकीमुल्ला मेहसूद पर पहले से ही संयुक्त राष्ट्र का प्रतिबंध है.

संगठन के संस्थापक बैतुल्ला मेहसूद की अगस्त 2009 में एक अमरीकी मिसाइल हमले में मृत्यु हो गई थी.

घातक हमले

Image caption तालिबान पाकिस्तानी फ़ौज से भी लड़ रहे हैं.

तहरीक-ए-तालिबान कई बरसों से अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से लगे क़बायली इलाक़े में सक्रिय है और पाकिस्तानी फ़ौज के ख़िलाफ़ युद्ध लड़ रहा है.

इससे जुड़े चरमपंथियों ने 2009 में लाहौर पुलिस अकादमी पर हमला किया था जिसमें आठ कैडेट मारे गए थे.

इसके अलावा दो महीने पहले इसी संगठन ने कराची के नौसेना अड्डे पर घातक हमला किया था.

एक समय पर पाकिस्तानी तालिबान काफ़ी मज़बूत हो गया था. ये कहा जाने लगा था कि उसका विस्तार और पकड़ राजधानी इस्लामाबाद तक फैल गई है.

पाकिस्तानी फ़ौज ने तालिबान के ख़िलाफ़ कई सैन्य अभियान चलाए हैं.