बीबीसी पत्रकारों की हड़ताल

बीबीसी हड़ताल
Image caption फंडिंग में कमी के बाद बीबीसी में नौकरियों की कटौती की जा रही है.

बीबीसी में अनिवार्य छंटनी के ख़िलाफ़ पत्रकार 24 घंटे की दूसरी हड़ताल कर रहे हैं.

दो हफ़्तों में ये दूसरी बार है जबकि संगठन में हड़ताल की जा रही है.

विवाद को सुलझाने की कोशिश के नाकाम होने के बाद तीन हज़ार सदस्यों वाली नेशनल यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट्स बैठक से बाहर हो गई थी.

बीबीसी के एक प्रवक्ता ने सेवाओं में बाधा के लिए क्षमा मांगी है लेकिन कहा है कि वो एनयूजी कि नौकरियों में कोई अनिवार्य कटौती नहीं किए जाने की मांग को नहीं मान सकते हैं.

इस मामले पर अगली बातचीत 11 अगस्त के लिए तय है.

पिछले महीने की हड़ताल के दौरान यूनियन के महासचिव महासचिव मिशेल स्टेनस्ट्रीट ने कहा था कि प्रबंधन ने कुछ नौकरियों की वजह से लोगों को हड़ताल करने पर बाध्य किया है.

उन्होंने कहा था कि यूनियन ने इस संकट से निपटने के लिए जो समाधान सुझाए थे प्रबंधन ने उसपर ध्यान नहीं दिया.

उन्होंने कहा था कि प्रबंधन के स्तर पर नई नौकरियां आ रही हैं, कई को बचाने के लिए कोशिश की जा रही है लेकिन पत्रकारों की नौकरियां जा रही हैं.

बीबीसी का कहना था कि वह अनिवार्य छंटनी को कम करने के प्रयास कर रही है.

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