भारत-ईरान में तेल बक़ाए पर फ़ैसला

ईरान तेल
Image caption ईरान भारत को कच्चे तेल की सप्लाई करनेवाला दूसरा बड़ा देश है.

भारत और ईरान ने कच्चे तेल की ख़रीदारी के भुगतान को लेकर पिछले कुछ महीनों से जारी गतिरोध को सुलझा लिया है.

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसियों ने नेशनल ईरान ऑयल कंपनी के हवाले से कहा है कि दोनों देशों ने तय किया है कि वो बक़ाया भुगतान का निपटारा जल्द से जल्द कर लेंगे.

ईरान ने धमकी दी थी कि अगर भारत एक अगस्त तक बक़ाए राशि की अदायगी नहीं करता है तो वो कच्चे तेल की सप्लाई बंद कर देगा.

ईरान पर लगाए गए अमरीकी आर्थिक प्रतिबंधों की वजह से अंतरराष्ट्रीय बैंकों के माध्यम से भुगतान करना मुश्किल हो रहा है.

अमरीका ने ईरान के चोरी-छिपे परमाणु हथियार बनाने के नाम पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए है.

समाचार एजेंसियों ने ईरानी तेल कंपनी के प्रमुख अहमद क़लेबानी के हवाले से कहा है कि द्विपक्षीय बातचीत के बाद दोनों देश बिल अदायगी का निपटारा जल्द से जल्द करने पर राज़ी हो गए हैं.

क़लेबानी ने इस बात के संकेत दिए हैं कि भुगतान दो चरणों में किया जाएगा. भारत पहली क़िस्त कुछ दिनों के भीतर ही अदा कर देगा.

दबाव

ईरानी तेल कंपनी के अंतरराष्ट्रीय विभाग के अधिकारी मोहसिन क़मसारी ने कहा है कि ईरान ने भारत को तेल सप्लाई जारी रखी है.

सऊदी अरब के बाद ईरान भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर है और भारतीय कंपनियां वहां से प्रतिदिन चार लाख बैरल कच्चा तेल आयात करती हैं.

ईरान की धमकी के बाद भारतीय तेल कंपनियों ने कहा था कि वो खाड़ी के दूसरे मुल्कों के साथ भी कच्चे तेल की सप्लाई के लिए समझौता करने की कोशिश कर रहे हैं.

धमकी को भारत के कुछ हलक़ों में ईरान के दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर भी देखा गया था.

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