चीन में पुलिस ने दो संदिग्धों को मारा

चीन में काशगर इमेज कॉपीरइट AFP Getty Images
Image caption चीन में काशगर में हुए हमले के बाद से ही पुलिस की कार्रवाई जारी है

चीन में रविवार को शिनजियांग प्रांत में हुए घातक हमले में शामिल होने के संदेह में पुलिस ने दो लोगों को मार दिया है.

शिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक़ उइगुर समुदाय के दो लोग मेमतिएली तिलिवाल्दी और तुर्सन हसन काशगर शहर के बाहर मक्के के खेत में छिपे पाए गए.

काशगर में एक रेस्तराँ पर हुए हमले में छह लोगों की मौत हो गई थी और पुलिस ने पाँच संदिग्ध लोगों को घटनास्थल पर ही मार दिया था.

इस क्षेत्र में सप्ताहांत के दौरान हुई हिंसा में 18 लोगों की मौत हो गई थी.

स्थानीय सरकार के अनुसार शनिवार रात दो लोगों ने एक ट्रक पर क़ब्ज़ा करके उसे लोगों की भीड़ में घुसा दिया जिसकी वजह से आठ लोगों की मौत हो गई और 28 अन्य घायल हो गए.

वहीं रविवार को काशगर में रेस्तराँ में विस्फोट हुआ. उसके बाद चाकुओं से लैस पाँच लोगों ने पुलिस और पास खड़े लोगों पर हमला किया. छह लोग वहाँ मारे गए और 12 घायल हो गए.

उइगुर की नाराज़ग़ी

शिनजियांग में पिछले कुछ समय में असंतोष रहा है जिसमें तुर्की बोलने वाले स्थानीय मुसलमान उइगुर शामिल रहे हैं. वे इस बात से भी नाराज़ हैं कि बहुसंख्यक हान समुदाय के चीनियों का उस क्षेत्र में प्रवेश बढ़ता ही जा रहा है.

इसके अलावा वे चीनी सरकार के रवैए से भी काफ़ी नाराज़ रहे हैं. 2009 में शिनजियांग में दंगे भड़क गए थे जिनमें 200 लोग मारे गए थे.

चीनी अधिकारियों ने सप्ताहांत में हुई हिंसा के लिए ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामी मूवमेंट के उइगुर इस्लामी चरमपंथियों को ज़िम्मेदार ठहराया था. वे अपने लिए अलग क्षेत्र की माँग कर रहे हैं.

अधिकारियों का कहना है कि इस संगठन के नेताओं ने पाकिस्तान में विस्फोटकों और हथियारों का प्रशिक्षण लिया है.

शिनजियांग के गवर्नर नूर बकरी ने कहा, "आम लोगों की ज़िंदग़ी को ख़तरे में डालने वाले और राष्ट्रीय हितों को ख़तरा पहुँचाने वाले लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी."

सरकार के अनुसार हमलावर 'कट्टरपंथी धार्मिक विचारधारा' मानते हैं और 'जिहाद' के पक्षधर हैं.

उधर वर्ल्ड उइगुर कांग्रेस की प्रमुख राबिया कदीर ने इस बारे में कहा, "हान चीनियों और उइगुरों की ज़िंदग़ियाँ जिस तरह गईं उसे देखकर मुझे दुख है. मगर साथ ही मैं इसके लिए उइगुरों को दोषी नहीं ठहरा सकती क्योंकि ऐसे हमले चीनी नीतियों की वजह से ही होते हैं."

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