किताब से हुई आय पर विवाद

डेविड हिक्स इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption डेविड हिक्स के वकीलों का कहना है कि उनको सुनाई गई सज़ा वैध नहीं थी

ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने ग्वांतानामो बे बंदीगृह में रह चुके एक बंदी के ख़िलाफ़ अदालती कार्रवाई शुरु की है जिससे कि उसकी आत्मकथा से अर्जित लाभ को ज़ब्त किया जा सके.

सरकार की ओर से अदालत में उस क़ानून का हवाला दिया गया है जिसके तहत किसी अपराध से पैसे कमाने पर रोक है.

हालांकि डेविड हिक्स के वकीलों का कहना है कि ये क़ानून उन पर लागू नहीं होता क्योंकि अमरीका सैन्य अदालत की ओर से सुनाई गई सज़ा वैध नहीं थी.

डेविड हिक्स की किताब इस वर्ष के शुरु में प्रकाशित हुई थी और तब से अब तक उसकी लगभग 30,000 हज़ार प्रतियाँ बिक चुकी हैं.

कमाई

उन्हें वर्ष 2001 के अंत में अफ़ग़ानिस्तान में गिरफ़्तार किया गया था और चरमपंथ का समर्थन करने के लिए दोषी ठहराने से पहले पाँच साल ग्वांतानामो बे के बंदी गृह में रखा गया था.

इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption इस किताब की अब तक लगभग 30 हज़ार प्रतियाँ बिक चुकी हैं

अमरीका की सैन्य अदालत में दोषी ठहराए जाने वाले वे पहले ग़ैर-अमरीकी बंदी थे.

ऑस्ट्रेलिया भेजे जाने के बाद उन्होंने थोड़े दिन और जेल में गुज़ारे थे.

डेविड हिक्स ने अपनी किताब 'ग्वांतानामो माई जर्नी' यानी 'ग्वांतानामो मेरी यात्रा' में क्यूबा के विवादास्पद ग्वांतानामो बे बंदीगृह में गुज़ारे अपने दिनों के बारे में लिखा है.

अभी ये पता नहीं चला है कि इस किताब के लिए हिक्स को प्रकाशक की ओर से कितना अग्रिम भुगतान किया गया था.

लेकिन अनुमान है कि रॉयल्टी के रूप में उन्हें एक लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर यानी लगभग 47 लाख रुपए मिल चुके हैं.

सुनवाई

बुधवार को हुई सुनवाई के बाद न्यू साउथ वेल्स सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीटर गार्लिंग ने फ़िलहाल एक ट्रस्ट के खाते को सील करने के आदेश दिए हैं जिसमें इस किताब से मिले पैसे जमा हैं.

इसके बाद अभियोजन पक्ष के वकील ने अदालत से अपील की है कि अगली सुनवाई 16 अगस्त तक स्थगित कर दी जाए जिससे कि सभी पक्ष अपनी बात रख सकें.

माना जा रहा है कि हिक्स की टीम ये तर्क रखेगी कि अमरीकी सैन्य अदालत की ओर से सुनाई गई सज़ा का ऑस्ट्रेलिया में संज्ञान ही नहीं लिया जाना चाहिए.

जबकि उनके पिता टेरी ने कहा है कि सरकार उनके 35 वर्षीय बेटे को परेशान कर रही है.

ऑस्ट्रेलिया की ग्रीन पार्टी ने कहा है कि ये मुक़दमा एक राजनीतिक संदेश देने के लिए है जिससे कि लेखकों को राजनीतिक रुप से संवेदनशील बातें लिखने से रोका जा सके.

ग्वांतानामो बे के पूर्व बंदी हिक्स के विरोधियों का कहना है कि वे ये स्पष्ट करने में असफल रहे हैं कि उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में अल-क़ायदा के साथ प्रशिक्षण क्यों लिया था, जहाँ से उन्हें गिरफ़्तार किया गया था.

संबंधित समाचार