छह हज़ार साल की सज़ा

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Image caption ये चार पूर्व सैनिकों को नरसंहार का दोषी पाया गया है

लातिनी अमरीकी देश ग्वाटेमाला में एक अदालत ने चार पूर्व सैनिकों को 6060 साल की क़ैद की सज़ा सुनाई है.

जी हाँ, आपने सही पढ़ा. हर पूर्व सैनिक को अलग-अलग से छह हज़ार साठ साल की सज़ा दी गई है. इन पूर्व सैनिकों पर देश में चले गृह युद्ध के दौरान 200 लोगों को मारने का आरोप था.

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि डैनियल मार्टिनेज़, मैनुअल पॉप, रेयेस कॉलिन और कार्लोस कारियास ने मानवता के ख़िलाफ़ अपराध किए हैं.

गांव में 200 लोगों को मार दिया

ये चारों सैनिक उग्रवाद निरोधक यूनिट के सदस्य थे. अदालत के अनुसार चारों सैनिकों ने 1982 में डोस एरेस गांव पर हमले में दो सौ लोगों को मार डाला था.

डोस एरेस गांव की घटना ग्वाटेमाला के खू़नी गृह-युद्ध के इतिहास में सबसे ख़तरनाक मानी जाती है. क़रीब 36 साल चले गृह युद्घ में डोस एरेस गांव में लोगों को अत्यंत बर्बर तरीके से मारा गया था.

इस घटना में 200 ग्रामीणों को या तो गोली मार दी गई या फिर उन्हें पीट पीटकर मार डाला गया. इनकी लाशों को बाद में कुएं में डाल दिया गया. मारे जाने वालों में आधे से अधिक बच्चे बताए जाते हैं.

सेना का कहना है कि उन्हें शक़ था कि ग्रामीणों ने वामपंथी गुरिल्ला विद्रोहियों को शरण दे रखी है.

मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए वो काफ़ी समय से प्रयास कर रहे थे.

हालांकि न्यायाधीशों ने दोषियों को छह हज़ार साठ साल की सज़ा दी है लेकिन अभियोजन पक्ष ने दोषियों के लिए इससे दोगुनी सज़ा की मांग की थी.

मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि इस फ़ैसले से लगता है कि ग्वाटेमाला में दोषियों को माफ़ करने की संस्कृति खत्म हो रही है.

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