इतिहास के पन्नों से

वर्ष 1962 में पाँच अगस्त के ही दिन अभिनेत्री मर्लिन मुनरो अपने शयन कक्ष में मृत अवस्था में मिलीं जबकि 1973 में इसी दिन एथेंस हवाई अड्डे पर हुई गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हुई थी.

1962: अभिनेत्री मर्लिन मुनरो का शव मिला

Image caption मर्लिन मुनरो की मौत को लेकर कई दशकों तक चर्चा होती रही

पाँच अगस्त, 1962 को हॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री मर्लिन मुनरो का शव उनके लॉस एंजेलेस आवास पर पाया गया था.

उनके घर की देखभाल करने वाली महिला ने तड़के डाक्टरों को फ़ोन करके बुलाया और दोनों डाक्टरों ने 36 वर्षीय मुनरो को घर पर ही मृत घोषित कर दिया था.

मर्लिन मुनरो के शयन कक्ष का दरवाज़ा बंद होने के कारण डाक्टरों को दरवाज़ा तोड़ कर कमरे में घुसना पड़ा था.

मर्लिन मुनरो अपने पलंग पर नग्न अवस्था में पड़ी पाई गईं थीं और नींद की गोलियों की एक शीशी उनकी बगल में पड़ी मिली थी.

बाद में अधिकारियों ने कहा था कि 'शायद मुनरो ने आत्महत्या की'. बहुत से लोगों को इस पर संदेह रहा और बाद में भी इसकी चर्चा होती रही.

मर्लिन मुनरो का जन्म 1926 में हुआ था. उनकी माँ का मानसिक बीमारी का इलाज चलता रहा और मुनरो ने अपना ज़्यादातर बचपन या तो अनाथाश्रम में बिताया या फिर दूसरो के घर में.

वर्ष 1946 के बाद से मुनरो ने फिल्मों में काम शुरू किया एक साल के भीतर ही उन्होंने 30 बड़ी फिल्मों में काम कर लिया था.

मर्लिन मुनरो की इस आकस्मिक मृत्यु से दुनिया भर में मौजूद मर्लिन मुनरो के लाखों चाहने वालों को बड़ा धक्का लगा था.

1973: एथेंस हवाई अड्डे पर गोलीबारी

Image caption बंदूकधारियों की योजना हवाई जहाज़ का अपहरण करने की थी

वर्ष 1973 में आज ही के दिन दो अरब बंदूकधारियों ने यात्रियों से भरे हुए एथेंस हवाई अड्डे के लाउंज में अंधाधुंध गोलियाँ चलाकर तीन लोगों की हत्या कर दी थी और 55 लोगों को घायल कर दिया था.

इन बंदूकधारियों ने 35 यात्रियों को बंधक भी बना लिया था और उन्हें बंदूक की नोक पर दो घंटे तक रखने के बाद पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया.

हमलावरों ने सबसे पहले भीड़ पर हथगोले फेंके जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया.

जिस समय हथगोले फेंके गए इस वक़्त हॉल में क़रीब 1,500 यात्री मौजूद थे और उनमे अफ़रा-तफ़री मच गई.

इसी बीच दोनों हमलावरों ने मशीनगनों से अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी. बाद में हमलावरों ने सुरक्षा अधिकारियों को बताया कि उनका ताल्लुक़ फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन 'ब्लैक सेप्टेम्बर' से था.

हवाई अड्डे पर गोलीबारी की ये घटना ठीक उस समय पर हुई जब तेल अवीव जा रहे यात्रियों की सुरक्षा जांच जारी थी.

माना जा रहा है कि इन बंदूकधारियों की योजना हवाई जहाज़ का अपहरण करने की थी. घायल होने वालों में से ज़्यादातर अमरीकी और ग्रीस के नागरिक थे.

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