रम्सफ़ेल्ड के ख़िलाफ़ मुकदमे की इजाज़त

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Image caption राष्ट्रपति बुश के कार्यकाल के दौरान रम्सफ़ेल्ड रक्षा मंत्री थे

अमरीका में एक जज ने एक पूर्व सैन्य अनुवादक को पूर्व रक्षा मंत्री डॉनल्ड रम्सफ़ेल्ड के ख़िलाफ़ मुकादमा चलाने की इजाज़त दे दी है.

वर्ष 2003 में शुरु हुए इराक़ युद्ध के दौरान रम्सफ़ेल्ड बुश प्रशासन के रक्षा मंत्री थे. इराक में अमरीकी सेना के अनुवादक रहे एक व्यक्ति ने कथित तौर पर यातनाएँ दिए जाने के एक मामले में रम्सफ़ेल्ड से मुआवज़ा लेने के लिए अदालत से इजाज़त मांगी थी.

इस व्यक्ति का नाम नहीं दिया गया है. इस व्यक्ति के वकील का कहना है कि वह अमरीकी मरीन सैनिकों के लिए काम कर रहा था जब उसका अपहरण किया गया और उसे एक अमरीकी सैन्य अड्डे में नौ महीने के लिए रखा गया.

उसका दावा है कि वर्ष 2006 में रिहा करने से पहले उसे यातनाएँ दी गईं.

सरकार का कहना है कि इस व्यक्ति पर 'दुश्मन' को जानकारी देने का शक़ था, चाहे उसके ख़िलाफ़ मुकदमा नहीं चलाया गया था.

वर्ष 2008 में इस व्यक्ति ने वॉशिंगटन की ज़िला अदालत में याचिका दायर कर दावा किया था कि पूर्व रक्षा मंत्री ने ख़ुद हर मामले में यातनाएँ देने के तरीकों की इजाज़त दी थी.

'व्यक्तिगत ज़िम्मेदारी नहीं'

ग़ौरतलब है कि रम्सफ़ेल्ड की तरफ़ से ओबामा प्रशासन ने न्याय मंत्रालय के ज़रिए ये मामला लड़ा.

सरकार का पक्ष था कि रम्सफ़ेल्ड के ख़िलाफ़ आधिकारिक कामकाज के संदर्भ में व्यक्तिगत तौर पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता है.

ओबामा प्रशासन का कहना है कि युद्ध संबंधी फ़ैसले अमरीकी कांग्रेस और राष्ट्रपति की संवैधानिक ज़िम्मेदारी थे और न्यायालय इन पर विचार नहीं कर सकता और ऐसा करने से भविष्य के सैन्य फ़ैसलों में बाधाएँ पैदा होंगी.

उधर पूर्व रक्षा मंत्री डोनल्ड रम्सफ़ेल्ड वर्ष 2010 के एक अदालती फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील कर रहे हैं.

उस फ़ैसले के तहत हिरासत में रखे गए दो अन्य लोगों को यातनाएँ देने के मामले में रम्सफ़ेल्ड से मुआवज़ा लेने के लिए अदालती कार्रवाई करने की इजाज़त दी गई थी.

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