पैसे ऐंठने के लिए थी बम की अफ़वाह

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Image caption मैडेलिन पुलवर के गले में दस घंटे तक वह 'नक़ली बम' लटका रहा

ऑस्ट्रेलिया में एक युवती के गले में लगाए नक़ली बम के चलते 10 घंटे तक हुई पुलिस कार्रवाई के बाद अब पता चला है कि ऐसा पैसे ऐंठने की एक साज़िश के तहत किया गया था.

सिडनी में 18 वर्षीया मैडेलिन पुलवर के घर में एक व्यक्ति ने घुसकर उनके गले में एक संदिग्ध विस्फोटक डाल दिया था.

इसके बाद पुलिस को वो विस्फोटक हटाने में 10 घंटों का समय लग गया और इस दौरान उस इलाक़े के आस-पास की सड़कों से लोगों को हटाना पड़ा था.

पुलिस के मुताबिक़ उस व्यक्ति ने विस्फोटक के साथ एक पत्र भी छोड़ा था जिससे पता चलता है कि उसका मक़सद पैसे ऐंठना था.

न्यू साउथ वेल्स के सह पुलिस आयुक्त मार्क मर्डोक ने पत्रकारों को बताया कि वो बम 'एक बहुत-बहुत बड़ी अफ़वाह' साबित हुआ.

असली दिखने वाला बम

मर्डोक ने बताया, "मगर वो बम निश्चित ही एक असली बम दिख रहा था. जब तक वो नक़ली नहीं साबित हुआ हमें उसे काफ़ी गंभीरता से लेना पड़ा और इसीलिए इसमें इतना समय लगा."

एक पुलिस अधिकारी ने ऑस्ट्रेलिया के डेली टेलीग्राफ़ अख़बार को बताया कि दो पेज का एक हाथों से लिखा पत्र पुलवर के सीने पर पिन से लगाया गया था और कहा गया था कि अगर पुलिस को बुलाया तो उसमें विस्फोट हो जाएगा.

इस पत्र में क्या माँगें थीं इसका ब्यौरा नहीं दिया गया है मगर पुलिस का कहना है कि वे 'इसे पैसे ऐंठने की कोशिश और गंभीर कोशिश के तौर पर देख रहे हैं.'

सिडनी मॉर्निंग हेरल्ड अख़बार में लिखा है कि पुलवर पर उनके घर के किचन में हमला हुआ जहाँ वह अपनी परीक्षाओं के लिए पढ़ाई कर रही थीं.

बीबीसी संवाददाता निक ब्रायन ने बताया है कि पुलिस उस बम जैसे यंत्र को देखकर परेशान हो गई थी क्योंकि वो काफ़ी अच्छे ढंग से बनाया गया और भ्रमित करने वाला दिख रहा था.

कार्रवाई

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Image caption मैडेलिन पुलवर को कार्रवाई के बाद जाँच के लिए अस्पताल ले जाया गया

बम निरोधक दस्ते ने उस बम को बेहतर ढंग से समझने के लिए एक्स-रे मशीनों का इस्तेमाल किया और यहाँ तक कि ब्रितानी सेना से भी इस बारे में मदद माँगी गई थी.

इस पूरी कार्रवाई के दौरान आस-पास की सड़कें ख़ाली करा ली गई थीं. पुलवर के साथ चार लोग इस पूरे ऑपरेशन के दौरान मौजूद थे.

इनमें दो बम निरोधक दस्ते के लोग थे और बाक़ी दो उनसे बातचीत करके उन्हें शांत रखने की कोशिश कर रहे थे.

बाद में पुलवर को अस्पताल ले जाया गया जहाँ जाँच-पड़ताल के बाद उन्हें जाने दिया गया और अब वह माता-पिता के साथ हैं.

पुलवर ने आपातकालीन सेवाओं के धैर्य की और उनके काम की तारीफ़ की है.

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