'बहुदलीय व्यवस्था मंज़ूर नहीं'

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सीरिया के प्रदर्शनकारियों ने देश में बहुदलीय व्यवस्था को आधिकारिक रुप से मंज़ूरी देने के राष्ट्रपति बशर अल-असद के फ़ैसले को नकार दिया है.

एक प्रदर्शनकारी ने बीबीसी को बताया कि ये बहुत देर से उठाया गया छोटा कदम है. सीरिया के राष्ट्रपति ऐसा करके सरकार के हिंसक बर्ताव की ओर से लोगों का ध्यान हटाना चाहते हैं.

इस बीच, हमा शहर से आ रही ख़बरों के मुताबिक सरकारी सुरक्षा बलों ने फिर से शहर पर क़ब्ज़ा कर लिया है.

युद्द का मैदान

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बीबीसी को बताया कि हमा शहर युद्ध के मैदान जैसा दिखाई दे रहा है और हज़ारों लोग शहर छोड़ कर भाग रहे हैं.

इससे पहले, बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उस बयान को मंज़ूरी दे दी थी, जिसमें नागरिकों के ख़िलाफ़ बल प्रयोग के लिए सीरियाई सरकार की आलोचना की गई है.

15 सदस्यों वाले परिषद ने एक बयान में राष्ट्रपति असद के प्रशासन पर आरोप लगाए गए हैं कि सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान मानवाधिकारों का हनन किया गया है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने भी सीरिया में हो रहे ख़ून-ख़राबे की कड़ी आलोचना की है.

मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि रविवार से सीरिया में 140 लोगों की मौत हो चुकी है और उनमें से अधिकतर लोग हमा में ही मारे गए हैं. इस तरह मार्च से लेकर अब तक कुल 1600 आम नागरिक मारे गए हैं.

अंतरराष्ट्रीय पत्रकार सीरिया में नहीं जा पर रहे हैं और प्रदर्शनकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों की बातों की पुष्टि कर पाना मुश्किल काम है.

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