हमा पर कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन

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सीरिया में हज़ारों लोगों ने विपक्ष के नियंत्रण वाले हमा शहर में हुए हिंसक दमन के विरोध में देश भर में प्रदर्शन किए हैं.

दमिश्क के समझे जा रहे एक वीडियो में प्रदर्शनकारी नारे लगा रहे हैं – “हमा, हम अपने अंत तक तुम्हारे साथ हैं“ और “बशर गद्दी छोड़ो“.

प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार दमिश्क के बाहरी इलाक़े में शुक्रवार को सुरक्षाबलों ने गोली चलाकर कम-से-कम सात प्रदर्शनकारियों को मार डाला.

सीरियाई टीवी ने हमा से किए गए एक प्रसारण में कहा है कि शहर पर अब सरकार का नियंत्रण है.

हमा के निवासियों और मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि शहर पर सेना की बमबारी में सौ से ज़्यादा आम लोग मारे गए हैं.

समझा जाता है कि राष्ट्रपति बशर अल असद के विरोध में मार्च में शुरू हुए प्रदर्शनों के बाद से सुरक्षाबलों की कार्रवाई में कम-से-कम दो हज़ार लोगों की जान जा चुकी है.

सीरिया में प्रदर्शनों को ट्यूनीशिया और मिस्र में हुए विद्रोहों की सफलता से बढ़ावा मिला.

राष्ट्रपति असद ने प्रदर्शनों के बाद सुधारों का वादा किया था लेकिन उन्होंने हिंसा के लिए विदेशी शक्तियों के समर्थन वाले हथियारबंद आपराधिक गिरोहों को ज़िम्मेदार ठहराया.

सीरिया में अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों के आने-जाने पर काफ़ी पाबंदियाँ हैं और ऐसे में प्रत्यक्षदर्शियों और विपक्षी कार्यकर्ताओं के दावों की पुष्टि कर पाना बेहद मुश्किल है.

प्रदर्शन और दमन

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Image caption सीरियाई टीवी पर वीरान हमा शहर की तस्वीरें प्रसारित की जा रही हैं

सीरियाई कार्यकर्ताओं ने वहाँ शुक्रवार की नमाज़ के बाद और अधिक प्रदर्शनों का आह्वान किया है.

कार्यकर्ताओं का कहना है कि सुरक्षाबलों ने कई शहरों में प्रदर्शनकारियों पर कारतूस और आँसू गैस के गोले चलाए हैं.

उनका कहना है कि दमिश्क के बाहरी इलाक़े में कम-से-कम चार लोग मारे गए हैं और दस घायल हुए हैं.

एक मानवाधिकार कार्यकर्ता ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि देइर अलग ज़ूर शहर में भारी गर्मी के बावजूद तीस हज़ार लोगों ने प्रदर्शन किया.

इससे पूर्व अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने सीरियाई सुरक्षाबलों पर मार्च से अबतक लगभग दो हज़ार लोगों की जान लेने का आरोप लगाया.

हमा के निवासियों ने बताया है कि शुक्रवार की सुबह शहर में फिर से गोलियाँ चलीं और गोले बरसाए गए.

उनका कहना है कि शहर में निशानेबाज़ों और टैंकों की सहायता से आम लोगों पर गोलियाँ चलाईं गईं.

हालाँकि सीरियाई टीवी पर गाड़ियों के पीछे छिपे हथियारबंद लोगों की तस्वीरें दिखाई जा रही हैं और कहा जा रहा है कि सेना ने एक विद्रोह को दबा दिया है.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस सप्ताह एक बयान जारी कर सीरयाई कार्रवाई का विरोध किया था.

सीरिया का सहयोगी समझे जानेवाले रूस ने भी सीरिया की आलोचना में स्वर मिलाया है.

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